{"_id":"6a245152515ea306b6065b1d","slug":"jagdish-chand-became-assistant-commissioner-of-state-tax-and-excise-department-chamba-news-c-88-1-ssml1004-185864-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: जगदीश चंद बने राज्य कर एवं आबाकारी विभाग के सहायक आयुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: जगदीश चंद बने राज्य कर एवं आबाकारी विभाग के सहायक आयुक्त
Sat, 06 Jun 2026 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:47 PM IST
विज्ञापन
राज्य कर एवं आबाकारी विभाग के सहायक आयुक्त जगदीश चंद। जागरूक पाठक
चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी की दुर्गम वादियों से निकलकर राज्य कर एवं आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त पद तक पहुंचने वाले जगदीश चंद शर्मा युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
पांगी घाटी के ग्राम कुठल, निवासी जगदीश चंद शर्मा की पदोन्नति पर पूरे पांगी क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। वह बताते हैं कि उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ नब्बे के दशक में आया। जब उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में हुआ। उस समय पांगी घाटी में सड़क और यातायात की सुविधाएं सीमित थीं। नवोदय विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए उन्हें पिता के साथ करीब 70 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा। इसके बाद बस से चंबा पहुंचे। नवोदय विद्यालय में चयन ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और कठिन परिश्रम को दिया है। उन्होंने वर्ष 2011 में आबकारी एवं कराधान विभाग में कराधान निरीक्षक के रूप में सेवाएं शुरू कीं। विभाग में ईमानदार कार्यशैली, कार्यकुशलता और जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन के कारण उन्होंने लगातार अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें पदोन्नत कर सहायक आयुक्त (राज्य कर एवं आबकारी) के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है। वर्तमान में वह जिला कांगड़ा में सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
पांगी घाटी के ग्राम कुठल, निवासी जगदीश चंद शर्मा की पदोन्नति पर पूरे पांगी क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। वह बताते हैं कि उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ नब्बे के दशक में आया। जब उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में हुआ। उस समय पांगी घाटी में सड़क और यातायात की सुविधाएं सीमित थीं। नवोदय विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए उन्हें पिता के साथ करीब 70 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा। इसके बाद बस से चंबा पहुंचे। नवोदय विद्यालय में चयन ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और कठिन परिश्रम को दिया है। उन्होंने वर्ष 2011 में आबकारी एवं कराधान विभाग में कराधान निरीक्षक के रूप में सेवाएं शुरू कीं। विभाग में ईमानदार कार्यशैली, कार्यकुशलता और जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन के कारण उन्होंने लगातार अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें पदोन्नत कर सहायक आयुक्त (राज्य कर एवं आबकारी) के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है। वर्तमान में वह जिला कांगड़ा में सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन