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Chamba News: मरम्मत की जगह कंटीले तार से बंद कर दी रेलिंग
Wed, 17 Dec 2025 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Dec 2025 10:26 PM IST
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खज्जियार (चंबा)। पर्यटन स्थल में की सुंदरता को ग्रहण लगाने वाली टूटी-फूटी रेलिंग को दुरुस्त करने के बजाय वन्य प्राणी विभाग ने कंटीले तार लगाकर उसे बंद कर दिया है। अब कोई भी पर्यटक झील के पास से मछलियों को नहीं देख पाएगा और न ही सेल्फी लेने के लिए इस रेलिंग के ऊपर चढ़ पाएगा।
स्थानीय लोगों ने विभाग के इस कदम की काफी निंदा की है। लोगों का कहना है कि मियाड़ी गला और लक्कड़मंडी बेरियर की नीलामी से वन्य प्राणी विभाग हर वर्ष करोडों रुपये कमाता है। उस पैसे का इस्तेमाल यहां पर्यटकों को बेहतर सेवाएं देने में होना चाहिए। इतना ही नहीं, खज्जियार में पार्किंग के नाम पर भी पर्यटकों के वाहनों का शुल्क लिया जाता है। भले ही उन्हें पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह मिले या नहीं।
स्थानीय निवासी शेर सिंह, योगराज, प्रेम सिंह, धर्मेंद्र कुमार, मनीष, सूरज, विशाल और सन्नी ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़ी-बड़ी बातें कर रही हैं। उनके प्रयासों को सरकारी विभाग धरातल पर सार्थक नहीं होने दे रहे। ऐसे ही चलता रहा तो मिनी स्विट्जरलैंड बस नाम तक ही रह जाएगा, यहां पर्यटकों की चहलकदमी खत्म हो जाएगी। इसके लिए पूरी तरह से वन्य प्राणी विभाग ही जिम्मेदार होगा।
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रेलिंग की मरम्मत के लिए बजट नहीं है। इसके चलते उसे कंटीले तारों से बंद किया गया है। अशोक कुमार, रेंजर वन्य प्राणी विभाग
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स्थानीय लोगों ने विभाग के इस कदम की काफी निंदा की है। लोगों का कहना है कि मियाड़ी गला और लक्कड़मंडी बेरियर की नीलामी से वन्य प्राणी विभाग हर वर्ष करोडों रुपये कमाता है। उस पैसे का इस्तेमाल यहां पर्यटकों को बेहतर सेवाएं देने में होना चाहिए। इतना ही नहीं, खज्जियार में पार्किंग के नाम पर भी पर्यटकों के वाहनों का शुल्क लिया जाता है। भले ही उन्हें पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह मिले या नहीं।
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स्थानीय निवासी शेर सिंह, योगराज, प्रेम सिंह, धर्मेंद्र कुमार, मनीष, सूरज, विशाल और सन्नी ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़ी-बड़ी बातें कर रही हैं। उनके प्रयासों को सरकारी विभाग धरातल पर सार्थक नहीं होने दे रहे। ऐसे ही चलता रहा तो मिनी स्विट्जरलैंड बस नाम तक ही रह जाएगा, यहां पर्यटकों की चहलकदमी खत्म हो जाएगी। इसके लिए पूरी तरह से वन्य प्राणी विभाग ही जिम्मेदार होगा।
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रेलिंग की मरम्मत के लिए बजट नहीं है। इसके चलते उसे कंटीले तारों से बंद किया गया है। अशोक कुमार, रेंजर वन्य प्राणी विभाग