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Chamba News: गैस सिलिंडर नहीं मिले तो ढाबों पर लटक जाएंगे ताले
Sat, 14 Mar 2026 10:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 14 Mar 2026 10:20 PM IST
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ढाबा और होटल संचालक बोले- भोजन तैयार करने में झेलनी पड़ रही परेशानी
बोले- छोटे सिलिंडर या महंगे इंडक्शन चूल्हों से चलाना पड़ रहा है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला मुख्यालय के ढाबों पर व्यावसायिक सिलिंडर का संकट गहराने लगा है। सिलिंडर न मिलने से ढाबा संचालकों की रसोई ठप पड़ गई है। चपाती-चावल-सब्जियां बनाना चुनौती बन गया है।
मजबूरी में कई संचालक छोटे सिलिंडर या महंगे इंडक्शन चूल्हों पर काम चला रहे हैं लेकिन यह समाधान अस्थायी है। यदि जल्द सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई ढाबों को ताला लटकाने का खतरा बन सकता है।
उधर, परासर गैस एजेंसी चंबा के मैनेजर राजमल ने कहा कि व्यावसायिक गैस सिलिंडर के वितरण को लेकर उन्हें कोई भी आदेश नहीं मिले हैं। हालांकि, कई घरेलू उपभोक्ताओं के मोबाइल से ही गैस सिलिंडरों की ऑनलाइन बुकिंग हो रही हैं जबकि कई उपभोक्ताओं के सिलिंडर ही बुक नहीं हो रहे हैं।
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व्यवसायिक सिलिंडर न मिलने से होटल-ढाबा संचालकों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने लगा है। कुछ दिन तक व्यवसायिक सिलिंडर नहीं मिले तो ढाबों-होटलों में ताले लगाने पड़ेंगे। - हितेश चौणा, ढाबा संचालक
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व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से ढाबा बंद करने की नौबत आ गई है। लॉकडाउन जैसे हालात लग रहे हैं। घर परिवार चलाने के लिए मजबूरन महंगा इंडक्शन चूल्हा खरीद कर काम चलाना पड़ रहा है। - रविंद्र कुमार, ढाबा संचालक
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जिला प्रशासन से भी मिले हैं लेकिन अभी तक कुछ हल नहीं निकला है। पांच किलो के व्यावसायिक सिलिंडर से काम चलाना पड़ रहा है। समस्या का जल्द समाधान न हुआ तो व्यवसाय बदलना पड़ सकता है। - नरेश कुमार, ढाबा संचालक
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व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से होटल-ढाबा मालिक मायूस हैं। पिछले कई दिनों से सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडरों की जल्द डिलीवरी करवाने के प्रशासन को प्रयास करने चाहिए। - काकाराम, ढाबा संचालक
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बोले- छोटे सिलिंडर या महंगे इंडक्शन चूल्हों से चलाना पड़ रहा है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला मुख्यालय के ढाबों पर व्यावसायिक सिलिंडर का संकट गहराने लगा है। सिलिंडर न मिलने से ढाबा संचालकों की रसोई ठप पड़ गई है। चपाती-चावल-सब्जियां बनाना चुनौती बन गया है।
मजबूरी में कई संचालक छोटे सिलिंडर या महंगे इंडक्शन चूल्हों पर काम चला रहे हैं लेकिन यह समाधान अस्थायी है। यदि जल्द सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई ढाबों को ताला लटकाने का खतरा बन सकता है।
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उधर, परासर गैस एजेंसी चंबा के मैनेजर राजमल ने कहा कि व्यावसायिक गैस सिलिंडर के वितरण को लेकर उन्हें कोई भी आदेश नहीं मिले हैं। हालांकि, कई घरेलू उपभोक्ताओं के मोबाइल से ही गैस सिलिंडरों की ऑनलाइन बुकिंग हो रही हैं जबकि कई उपभोक्ताओं के सिलिंडर ही बुक नहीं हो रहे हैं।
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व्यवसायिक सिलिंडर न मिलने से होटल-ढाबा संचालकों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने लगा है। कुछ दिन तक व्यवसायिक सिलिंडर नहीं मिले तो ढाबों-होटलों में ताले लगाने पड़ेंगे। - हितेश चौणा, ढाबा संचालक
व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से ढाबा बंद करने की नौबत आ गई है। लॉकडाउन जैसे हालात लग रहे हैं। घर परिवार चलाने के लिए मजबूरन महंगा इंडक्शन चूल्हा खरीद कर काम चलाना पड़ रहा है। - रविंद्र कुमार, ढाबा संचालक
जिला प्रशासन से भी मिले हैं लेकिन अभी तक कुछ हल नहीं निकला है। पांच किलो के व्यावसायिक सिलिंडर से काम चलाना पड़ रहा है। समस्या का जल्द समाधान न हुआ तो व्यवसाय बदलना पड़ सकता है। - नरेश कुमार, ढाबा संचालक
व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से होटल-ढाबा मालिक मायूस हैं। पिछले कई दिनों से सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडरों की जल्द डिलीवरी करवाने के प्रशासन को प्रयास करने चाहिए। - काकाराम, ढाबा संचालक