{"_id":"64a70b84996a17c41d0f34a4","slug":"heart-patient-forced-to-wander-for-treatment-chamba-news-c-88-1-ssml1006-2595-2023-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: हृदय रोगी इलाज के लिए भटकने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: हृदय रोगी इलाज के लिए भटकने को मजबूर
Fri, 07 Jul 2023 12:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 07 Jul 2023 12:14 AM IST
विज्ञापन
चंबा। भले ही सरकार ने चंबा में मेडिकल कॉलेज खोल दिया हो लेकिन मेडिकल कॉलेज खुलने के चार साल बाद भी जिले के हृदय रोगियों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। आज भी इन मरीजों को अपना इलाज करवाने के लिए टांडा या शिमला की दौड़ लगानी पड़ रही है क्योंकि चंबा में मेडिकल कॉलेज सहित अन्य किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की सुविधा नहीं है। टंडा या शिमला जाने के लिए जहां मरीजों का समय बर्बाद होता तो वहीं उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। उसके बाद वहां ओपीडी के बाहर धक्के खाने पड़ते हैं। जिलावासी लंबे समय से सरकार और स्वास्थ्य विभाग से चंबा में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती करने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनकी यह मांग किसी भी सरकार ने पूरी नहीं की है।
चंबा में मेडिकल कॉलेज खुलवाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस की सरकारें खुद का श्रेय लेने में पीछे नहीं हटतीं लेकिन जब यहां हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर सवाल किया जाता है तो एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते हैं। यही कारण है कि आज दिन तक चंबा में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि जिले में सैकड़ोें मरीज हृदय रोग की बीमारी से ग्रसित हैं जिन्हें अपना उपचार करवाने के लिए टांडा या शिमला की दौड़ लगानी पड़ती है। इसके अलावा कई मरीज बाहरी राज्यों में जाकर निजी अस्पतालों में भी अपना इलाज करवाने को मजबूर हैं जहां पर उन्हें इलाज के लिए मोटे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। ऐसे में यदि चंबा में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती होती है तो जिले के हजारों मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है।
जिले में हृदय जांच या चिकित्सा शिविर लगने पर सैकड़ों की संख्या में मरीज अपनी बीमारी की जांच और इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। शिविर में इन मरीजों को मात्र प्राथमिक उपचार मिलता है। संपूर्ण इलाज करवाने के लिए उन्हें भटकना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के मीडिया समन्वयक डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि सरकार को चंबा में चल रही विशेषज्ञों की कमी के बारे में अवगत करवा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंबा में मेडिकल कॉलेज खुलवाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस की सरकारें खुद का श्रेय लेने में पीछे नहीं हटतीं लेकिन जब यहां हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर सवाल किया जाता है तो एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते हैं। यही कारण है कि आज दिन तक चंबा में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि जिले में सैकड़ोें मरीज हृदय रोग की बीमारी से ग्रसित हैं जिन्हें अपना उपचार करवाने के लिए टांडा या शिमला की दौड़ लगानी पड़ती है। इसके अलावा कई मरीज बाहरी राज्यों में जाकर निजी अस्पतालों में भी अपना इलाज करवाने को मजबूर हैं जहां पर उन्हें इलाज के लिए मोटे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। ऐसे में यदि चंबा में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती होती है तो जिले के हजारों मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है।
विज्ञापन
जिले में हृदय जांच या चिकित्सा शिविर लगने पर सैकड़ों की संख्या में मरीज अपनी बीमारी की जांच और इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। शिविर में इन मरीजों को मात्र प्राथमिक उपचार मिलता है। संपूर्ण इलाज करवाने के लिए उन्हें भटकना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के मीडिया समन्वयक डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि सरकार को चंबा में चल रही विशेषज्ञों की कमी के बारे में अवगत करवा दिया गया है।
विज्ञापन