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Chamba News: भूख हड़ताल पर बैठी महिला की तबीयत बिगड़ी, कम हुआ बीपी
Wed, 16 Oct 2024 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 16 Oct 2024 10:34 PM IST
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सलूणी (चंबा)। सलूणी में भूख हड़ताल पर बैठी महिला की तबीयत अचानक खराब हो गई। नागरिक अस्पताल सलूणी की टीम ने तीन बार जाकर महिला का स्वास्थ्य जांचा। महिला का ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे कम हो रहा है।
बुधवार सुबह तीसरे दिन अंजू धीमान भूख हड़ताल पर बैठी थीं तो डॉक्टर ने उनका ब्लड प्रेशर जांचा तो यह 66 पाया गया। लतु सूर्यवंशी का ब्लड प्रेशर 70 पाया गया। डॉक्टर ने शाम को दोबारा बीपी की जांच की तो अंजू धीमान का ब्लड प्रेशर 66 निकला। डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल में जाकर इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी, लेकिन वह भूख हड़ताल वाले स्थान पर ही टीका लगाने की बात पर अड़ी रहीं। डॉक्टर ने तर्क दिया कि इंजेक्शन लगाने के बाद इसके अच्छे-बुरे परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में इंजेक्शन को अस्पताल के बाहर लगाना सुरक्षित नहीं है। इस पर महिला ने टीका लगाने से ही इनकार कर दिया।
सलूणी में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के रिक्त पद भरने के लिए दोनों महिलाएं तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार इन पदों पर तैनाती नहीं करती, तब तक हड़ताल खत्म नहीं करेंगी। उधर, सलूणी अस्पताल के प्रभारी डॉ. जगजीत सिंह पठानिया ने बताया कि हड़ताल पर बैठीं महिलाओं का बुधवार को तीन बार स्वास्थ्य जांचा गया। अंजू धीमान का बीपी कम आंका गया। उन्हें इंजेक्शन लगाने के लिए कहा गया है। वह इंजेक्शन लगाने के लिए अस्पताल आने को तैयार नहीं हैं। इससे उनकी तबीयत ज्यादा भी खराब हो सकती है।
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बुधवार सुबह तीसरे दिन अंजू धीमान भूख हड़ताल पर बैठी थीं तो डॉक्टर ने उनका ब्लड प्रेशर जांचा तो यह 66 पाया गया। लतु सूर्यवंशी का ब्लड प्रेशर 70 पाया गया। डॉक्टर ने शाम को दोबारा बीपी की जांच की तो अंजू धीमान का ब्लड प्रेशर 66 निकला। डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल में जाकर इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी, लेकिन वह भूख हड़ताल वाले स्थान पर ही टीका लगाने की बात पर अड़ी रहीं। डॉक्टर ने तर्क दिया कि इंजेक्शन लगाने के बाद इसके अच्छे-बुरे परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में इंजेक्शन को अस्पताल के बाहर लगाना सुरक्षित नहीं है। इस पर महिला ने टीका लगाने से ही इनकार कर दिया।
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सलूणी में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के रिक्त पद भरने के लिए दोनों महिलाएं तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार इन पदों पर तैनाती नहीं करती, तब तक हड़ताल खत्म नहीं करेंगी। उधर, सलूणी अस्पताल के प्रभारी डॉ. जगजीत सिंह पठानिया ने बताया कि हड़ताल पर बैठीं महिलाओं का बुधवार को तीन बार स्वास्थ्य जांचा गया। अंजू धीमान का बीपी कम आंका गया। उन्हें इंजेक्शन लगाने के लिए कहा गया है। वह इंजेक्शन लगाने के लिए अस्पताल आने को तैयार नहीं हैं। इससे उनकी तबीयत ज्यादा भी खराब हो सकती है।
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