{"_id":"65ce46396c2c41f33f0e5440","slug":"garbage-plants-at-some-places-were-filled-with-garbage-and-at-other-places-they-could-not-be-used-chamba-news-c-88-1-ssml1004-118502-2024-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: कहीं कचरे से भर गए तो कहीं इस्तेमाल ही नहीं हो पाए कूड़ा संयंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: कहीं कचरे से भर गए तो कहीं इस्तेमाल ही नहीं हो पाए कूड़ा संयंत्र
Thu, 15 Feb 2024 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 15 Feb 2024 10:43 PM IST
विज्ञापन
विकास खण्ड भटियात की पंचायत में बना कूड़ा सयंत्रण।संवाद
बनीखेत (चंबा)। विकास खंड भटियात के तहत बनीखेत और बगढ़ार पंचायतों में पंचायत स्तर पर बने कूड़ा संयंत्र कचरे से लबालब भर गए हैं तो दूसरी ओर पुखरी पंचायत में बने कूड़ा संयंत्र का आज तक इस्तेमाल ही नहीं हो पाया है।
इसकी हालत काफी खस्ता हो चुकी है। कूड़े-कर्कट से भरे कूड़ा संयंत्रों को खाली करने की पंचायत स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा, समयानुसार कूड़े-कर्कट को खाली न किए जाने से पंचायतों में महामारी तक फैलने का खतरा बना हुआ है।
लोगों में भूषण कुमार, विनोद कुमार, सुनील कुमार, रीता देवी, हेमा देवी और राज कुमार ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने वर्ष 2022 में हरेक पंचायत में प्लास्टिक कचरे के निष्पादन के लिए प्रति कूड़ा संयंत्र बनाने के लिए दो लाख रुपये खर्च किए थे। भटियात विस क्षेत्र के तहत कुछ पंचायतों में कूड़ा संयंत्र कचरे से लबालब भरे हैं। कई जगह यह महज शोपीस बनकर रह गए हैं। इससे लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि कूड़ा संयंत्र के इर्द-गिर्द गंदगी के ढेर लगे हैं। इससे बीमारियां फैलने का खतरा है। कई कूड़ा संयंत्र खाली पड़े हैं। पंचायतों को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से बनाए गए कूड़ा संयंत्रों का सही तरह से इस्तेमाल न होने से सरकार के लाखों रुपये बर्बाद हो रहे हैं। लिहाजा, लोगों ने सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन से इस ओर ध्यान देकर कूड़ा संयंत्रों के सही रख-रखाव, कूड़े के निष्पादन समेत सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
उधर, विकास खंड अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जिन पंचायतों में इस तरह की परेशानी आ रही है, वहां जल्द समस्या का समाधान करवाने को लेकर उचित प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
इसकी हालत काफी खस्ता हो चुकी है। कूड़े-कर्कट से भरे कूड़ा संयंत्रों को खाली करने की पंचायत स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा, समयानुसार कूड़े-कर्कट को खाली न किए जाने से पंचायतों में महामारी तक फैलने का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
लोगों में भूषण कुमार, विनोद कुमार, सुनील कुमार, रीता देवी, हेमा देवी और राज कुमार ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने वर्ष 2022 में हरेक पंचायत में प्लास्टिक कचरे के निष्पादन के लिए प्रति कूड़ा संयंत्र बनाने के लिए दो लाख रुपये खर्च किए थे। भटियात विस क्षेत्र के तहत कुछ पंचायतों में कूड़ा संयंत्र कचरे से लबालब भरे हैं। कई जगह यह महज शोपीस बनकर रह गए हैं। इससे लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि कूड़ा संयंत्र के इर्द-गिर्द गंदगी के ढेर लगे हैं। इससे बीमारियां फैलने का खतरा है। कई कूड़ा संयंत्र खाली पड़े हैं। पंचायतों को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से बनाए गए कूड़ा संयंत्रों का सही तरह से इस्तेमाल न होने से सरकार के लाखों रुपये बर्बाद हो रहे हैं। लिहाजा, लोगों ने सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन से इस ओर ध्यान देकर कूड़ा संयंत्रों के सही रख-रखाव, कूड़े के निष्पादन समेत सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
उधर, विकास खंड अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जिन पंचायतों में इस तरह की परेशानी आ रही है, वहां जल्द समस्या का समाधान करवाने को लेकर उचित प्रयास किए जाएंगे।