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Chamba News: वन मंडल डलहौजी ने शुरू किया कैच द यंग अभियान
Sun, 12 May 2024 10:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 12 May 2024 10:24 PM IST
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चंबा के डलहौजी में वन विभाग के कैच द यंग अभियान के तहत नौनिहाल।संवाद
डलहौजी (चंबा)। डलहौजी वन मंडल ने विशेष कैच द यंग अभियान शुरू किया है। वन मंडल डलहौजी के विभिन्न सरकारी, निजी स्कूलों और कॉलेजों के लगभग 30 हजार विद्यार्थियों को जंगल की आग के हानिकारक प्रभावों के बारे में बताया जा रहा है।
सभी विद्यार्थियों के माध्यम से पालिथीन बैग में पौधे उगाए जा रहे हैं। वन्य प्रजातियों के पौधों को बीज से तैयार होने के लिए लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगता है, पौधे तैयार करने के लिए पालिथीन बैग वन मंडल की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फिर विद्यार्थी उनमें अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी भरते हैं। उसके बाद विद्यार्थी वन अधिकारियों की ओ से उपलब्ध कराए गए बीजों को वन विभाग के मार्गदर्शन में उगा रहे हैं। बीज अंकुरित नहीं होंगे उनके स्थान पर नये बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे। उगाए गए पौधों को विद्यार्थी बाद में स्कूल परिसर के निकट चिह्नित भूमि में रोपेंगे।
इससे बच्चों में विद्यार्थी जीवन में ही पेड़ पौधों के प्रति अपनेपन का भाव उत्पन्न होगा और मानव जनित वन अग्नि जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा। यह सारा कार्य श्रमदान के रूप में किया जा रहा है, इससे निश्चित रूप से अभियान के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। डीएफओ डलहौजी रजनीश महाजन ने बताया कि हर वर्ष ग्रीष्म ऋतु में बड़े पैमाने पर वनों में लगने वाली आग बहुमूल्य वनस्पतियों और वन्य प्राणियों को निगल जाती है। अधिकांश जंगल की आग प्रकृति में मानव जनित होती है जो कि प्राकृतिक पुनर्जन्म और वन्य प्राणियों को नुकसान पहुंचाती है। इस से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी प्रभावित होती है।
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सभी विद्यार्थियों के माध्यम से पालिथीन बैग में पौधे उगाए जा रहे हैं। वन्य प्रजातियों के पौधों को बीज से तैयार होने के लिए लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगता है, पौधे तैयार करने के लिए पालिथीन बैग वन मंडल की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फिर विद्यार्थी उनमें अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी भरते हैं। उसके बाद विद्यार्थी वन अधिकारियों की ओ से उपलब्ध कराए गए बीजों को वन विभाग के मार्गदर्शन में उगा रहे हैं। बीज अंकुरित नहीं होंगे उनके स्थान पर नये बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे। उगाए गए पौधों को विद्यार्थी बाद में स्कूल परिसर के निकट चिह्नित भूमि में रोपेंगे।
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इससे बच्चों में विद्यार्थी जीवन में ही पेड़ पौधों के प्रति अपनेपन का भाव उत्पन्न होगा और मानव जनित वन अग्नि जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा। यह सारा कार्य श्रमदान के रूप में किया जा रहा है, इससे निश्चित रूप से अभियान के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। डीएफओ डलहौजी रजनीश महाजन ने बताया कि हर वर्ष ग्रीष्म ऋतु में बड़े पैमाने पर वनों में लगने वाली आग बहुमूल्य वनस्पतियों और वन्य प्राणियों को निगल जाती है। अधिकांश जंगल की आग प्रकृति में मानव जनित होती है जो कि प्राकृतिक पुनर्जन्म और वन्य प्राणियों को नुकसान पहुंचाती है। इस से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी प्रभावित होती है।
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