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मरीज को पालकी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए मजबूर
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भाबला पंचायत में सड़क न होने पर मरीज को पालकी में बैठाकर ले जाते ग्रामीण।
- फोटो : Chamba
चंबा। उपमंडल चुराह के तहत ग्राम पंचायत भावला के एक दर्जन गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी पंचायत के गांवों में कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे पालकी के सहारे ही मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण को लेकर वे कई बार प्रशासन और सरकार से गुहार लगा चुुके हैं। लेकिन, अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने स्थानीय नेताओं पर आरोप लगाया है कि मात्र वोट लेने तक ही वे सीमित रह गए हैं जबकि पंचायत को सड़क से जोड़ने के लिए अभी तक कोई पहल नहीं हो पाई है। इसको लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। पंचायत के तहत ढाड, खडियारू, सोह, नेल्ला, गदयोग, पनेरा, भालुई, देहरा, शरोली पधरोलू आदि गांवों की आठ सौ के करीब आबादी है।
मंगलवार को पेड़ से गिरने के बाद घायल हुए आबिद खान निवासी ढाड को पालकी के सहारे घर तक पहुंचा गया। ग्रामीणों ने घंटों पैदल सफर किया। ग्रामीणों दिलदार, जाकिर बट्ट, ताजदीन, सदीक, बशीर, मंजू, लियाकत अली और लाल चंद का कहना है कि सरकार हर गांव को सड़क से जोड़ने के दावे तो करती है लेकिन उनके गांव अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए।
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ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण को लेकर वे कई बार प्रशासन और सरकार से गुहार लगा चुुके हैं। लेकिन, अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने स्थानीय नेताओं पर आरोप लगाया है कि मात्र वोट लेने तक ही वे सीमित रह गए हैं जबकि पंचायत को सड़क से जोड़ने के लिए अभी तक कोई पहल नहीं हो पाई है। इसको लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। पंचायत के तहत ढाड, खडियारू, सोह, नेल्ला, गदयोग, पनेरा, भालुई, देहरा, शरोली पधरोलू आदि गांवों की आठ सौ के करीब आबादी है।
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मंगलवार को पेड़ से गिरने के बाद घायल हुए आबिद खान निवासी ढाड को पालकी के सहारे घर तक पहुंचा गया। ग्रामीणों ने घंटों पैदल सफर किया। ग्रामीणों दिलदार, जाकिर बट्ट, ताजदीन, सदीक, बशीर, मंजू, लियाकत अली और लाल चंद का कहना है कि सरकार हर गांव को सड़क से जोड़ने के दावे तो करती है लेकिन उनके गांव अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए।
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