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पांच डॉक्टर चंबा में सेवाएं देने के लिए तैयार नहीं
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डेपुटेशन पर भेजे गए 35 चिकित्सकों में से पांच ने ज्वाइन करने से इनकार कर दिया है।
सरकार के तैनाती को लेकर दिए गए आदेश को दो सप्ताह का समय बीतने वाला है लेकिन अभी तक 30 चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया है जबकि पांच चिकित्सकों ने अपनी ज्वाइनिंग को लेकर चंबा मेडिकल कॉलेज में संपर्क ही नहीं किया है। इससे पता चलता है कि सरकार के आदेशों को लेकर ये चिकित्सक कितने गंभीर हैं। एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) टीम आगामी दिनों में चंबा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर सकती है।
ऐसे में सरकार ने अस्थायी तौर पर आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज से चिकित्सकों के चंबा के लिए तैनाती के आदेश निकाले थे। ये चिकित्सक अस्थायी तौर पर एक या दो माह के लिए चंबा में अपनी सेवाएं देंगे और वापस अपने मूल स्थानों को लौट जाएंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश में चंबा मेडिकल कॉलेज ही एक ऐसा कॉलेज है जहां 100 से अधिक चिकित्सकों की कमी है। इस कमी को सरकार साढ़े चार साल में भी पूरा नहीं कर पाई है। इसकी वजह से मरीजों और प्रबंधन को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि सरकार ने अस्थायी तौर पर 35 चिकित्सकों के आदेश निकाले थे। इनमें से पांच चिकित्सकों ने ज्वाइन नहीं किया है। इसके बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।
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सरकार के तैनाती को लेकर दिए गए आदेश को दो सप्ताह का समय बीतने वाला है लेकिन अभी तक 30 चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया है जबकि पांच चिकित्सकों ने अपनी ज्वाइनिंग को लेकर चंबा मेडिकल कॉलेज में संपर्क ही नहीं किया है। इससे पता चलता है कि सरकार के आदेशों को लेकर ये चिकित्सक कितने गंभीर हैं। एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) टीम आगामी दिनों में चंबा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर सकती है।
ऐसे में सरकार ने अस्थायी तौर पर आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज से चिकित्सकों के चंबा के लिए तैनाती के आदेश निकाले थे। ये चिकित्सक अस्थायी तौर पर एक या दो माह के लिए चंबा में अपनी सेवाएं देंगे और वापस अपने मूल स्थानों को लौट जाएंगे।
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गौरतलब है कि प्रदेश में चंबा मेडिकल कॉलेज ही एक ऐसा कॉलेज है जहां 100 से अधिक चिकित्सकों की कमी है। इस कमी को सरकार साढ़े चार साल में भी पूरा नहीं कर पाई है। इसकी वजह से मरीजों और प्रबंधन को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि सरकार ने अस्थायी तौर पर 35 चिकित्सकों के आदेश निकाले थे। इनमें से पांच चिकित्सकों ने ज्वाइन नहीं किया है। इसके बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।