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भीषण अग्निकांड ने 11 परिवारों से छिन्ना रोजी-रोटी का सहारा
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सलूणी बाजार में दुकानें जलने के बाद जले सामान से उठता धुंआ।
- फोटो : Chamba
दिनेश शर्मा
सलूणी(चंबा)। सलूणी मुख्य बाजार में देर रात हुए अग्निकांड ने कई परिवारों के सामने रोजी रोटी छीन ली है। सोमवार रात आग की लपटों में जहां उनकी दुकानें जल गई तो उसमें रखा करोड़ों का सामान भी जल गया।
ऐसे में अब दुकानदारों के सामने संकट इस बात का खड़ा हो गया है कि वह घाटे की भरपाई करेंगे या फिर परिवार चलाने के लिए कारोबार दोबारा शुरू करें। सोमवार देर रात भीषण अग्निकांड में कमाई का जरिया खोने का गम में सभी की आंखों नम हो गई। वहीं मंगलवार को राख में उठते धुएं में प्रभावित अपने जले सामान को देखते और उसमें कुछ बचा होने की उम्मीद में टटोलते रहे।
भीषण अग्निकांड ने नंदला निवासी 37 वर्षीय हेमराज पुत्र सत्य प्रसाद को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। हेमराज अपने परिवार, बूढ़ी मां के पालन-पोषण के लिए सलूणी बाजार में किराये की दुकान लेकर कपड़े सिलाई का काम करता है। हेमराज रोजाना तीन किलोमीटर का पैदल सफर तय कर दुकान पर पहुंचकर काम में जुट जाता था।
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बता दें कि वर्तमान समय में सलूणी और आस-पास के परिक्षेत्र से तीन शादियों के लिए कपड़े सिलाई का काम हेमराज को मिला था। शादियों के कपड़े सिलाई करने के बाद रात को दुकान में ही वे कपड़े छोड जाता था। मगर अब उन परिवारों के सामने भी शादी के कपड़ों का इंतजाम करने का बोझ बढ़ गया है। बकौल हेमराज के मुताबिक उनके घर में उनकी पत्नी दर्शना देवी, बूढ़ी मां चेलों देवी, दो बेटे (12 वर्षीय बेटा देंवेंद्र और 9 वर्षीय बेटा मनीष) हैं।
बूढ़ी मां की दवाईयों का खर्च, बच्चों की पढ़ाई का खर्च और परिवार का खर्च उनका इसी दुकान से चलता था। हेमराज के जहन में अब सिलाई के लिए कपड़े छोड़ गए लोगों को कपड़े या पैसे वापिस करने को लेकर कड़ी कशमकश चली हुई है। बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखने वाले हेमराज की इस अग्निकांड ने मानों रीढ़ ही तोड़ कर रख दी है।
बाजार में किराये पर दुकानें लेकर काम करने वाले अन्य दुकानदारों में सब्जियों के बीज बेचने वाले धर्मचंद, टी स्टाल चलाने वाले सुुरेंद्र कुमार, इलेक्ट्रिशन का काम करने वाले सुदेश कुमार, स्टोर मालिक तिलकराज, बच्चों के खिलौने के दुकानदार टेक चंद, मेडिकल स्टोर विक्रेता नजाकत अली, कपड़े सिलाई करने वाले वीरेंद्र कुमार, सोनू और जोगेंद्र शामिल है।
सभी को इस अग्निकांड में लाखों का नुकसान हुआ है और अब सवाल यह है कि कैसे दोबारा इस अग्निकांड से उबर कर वह दोबारा काम शुरू करें। हालांकि जिला प्रशासन ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट बनने के बाद मुआवजे का आश्वासन दिया है।
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सलूणी(चंबा)। सलूणी मुख्य बाजार में देर रात हुए अग्निकांड ने कई परिवारों के सामने रोजी रोटी छीन ली है। सोमवार रात आग की लपटों में जहां उनकी दुकानें जल गई तो उसमें रखा करोड़ों का सामान भी जल गया।
ऐसे में अब दुकानदारों के सामने संकट इस बात का खड़ा हो गया है कि वह घाटे की भरपाई करेंगे या फिर परिवार चलाने के लिए कारोबार दोबारा शुरू करें। सोमवार देर रात भीषण अग्निकांड में कमाई का जरिया खोने का गम में सभी की आंखों नम हो गई। वहीं मंगलवार को राख में उठते धुएं में प्रभावित अपने जले सामान को देखते और उसमें कुछ बचा होने की उम्मीद में टटोलते रहे।
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भीषण अग्निकांड ने नंदला निवासी 37 वर्षीय हेमराज पुत्र सत्य प्रसाद को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। हेमराज अपने परिवार, बूढ़ी मां के पालन-पोषण के लिए सलूणी बाजार में किराये की दुकान लेकर कपड़े सिलाई का काम करता है। हेमराज रोजाना तीन किलोमीटर का पैदल सफर तय कर दुकान पर पहुंचकर काम में जुट जाता था।
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बता दें कि वर्तमान समय में सलूणी और आस-पास के परिक्षेत्र से तीन शादियों के लिए कपड़े सिलाई का काम हेमराज को मिला था। शादियों के कपड़े सिलाई करने के बाद रात को दुकान में ही वे कपड़े छोड जाता था। मगर अब उन परिवारों के सामने भी शादी के कपड़ों का इंतजाम करने का बोझ बढ़ गया है। बकौल हेमराज के मुताबिक उनके घर में उनकी पत्नी दर्शना देवी, बूढ़ी मां चेलों देवी, दो बेटे (12 वर्षीय बेटा देंवेंद्र और 9 वर्षीय बेटा मनीष) हैं।
बूढ़ी मां की दवाईयों का खर्च, बच्चों की पढ़ाई का खर्च और परिवार का खर्च उनका इसी दुकान से चलता था। हेमराज के जहन में अब सिलाई के लिए कपड़े छोड़ गए लोगों को कपड़े या पैसे वापिस करने को लेकर कड़ी कशमकश चली हुई है। बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखने वाले हेमराज की इस अग्निकांड ने मानों रीढ़ ही तोड़ कर रख दी है।
बाजार में किराये पर दुकानें लेकर काम करने वाले अन्य दुकानदारों में सब्जियों के बीज बेचने वाले धर्मचंद, टी स्टाल चलाने वाले सुुरेंद्र कुमार, इलेक्ट्रिशन का काम करने वाले सुदेश कुमार, स्टोर मालिक तिलकराज, बच्चों के खिलौने के दुकानदार टेक चंद, मेडिकल स्टोर विक्रेता नजाकत अली, कपड़े सिलाई करने वाले वीरेंद्र कुमार, सोनू और जोगेंद्र शामिल है।
सभी को इस अग्निकांड में लाखों का नुकसान हुआ है और अब सवाल यह है कि कैसे दोबारा इस अग्निकांड से उबर कर वह दोबारा काम शुरू करें। हालांकि जिला प्रशासन ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट बनने के बाद मुआवजे का आश्वासन दिया है।