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तीस साल से मवेशियों के साथ एक कमरे में रहा परिवार
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मवेशियों के साथ सलूणी के एहणी गांव के साहब सिंह परिवार व मवेशियों के साथ।
- फोटो : Chamba
सलूणी (चंबा)। डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में भले ही सरकार विकास की बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही हों लेकिन, ये घोषणाएं ग्राम पंचायत सलूणी के एहणी गांव में रहने वाले बीपीएल परिवार के लिए कोई मायने नहीं रखतीं। यह परिवार पिछले 30 वर्षों से अपने मवेशियों के साथ एक ही कमरे में रह रहा है। आज तक इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए आर्थिक मदद नहीं मिल पाई है। इसकी वजह से वह पात्र होने के बावजूद सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा पाया है। तीस वर्षों से परिवार का मुखिया पंचायत में होने वाली हरेक ग्रामसभा में अपनी आवाज को उठा चुका है। बावजूद इसके अभी तक परिवार को घर बनाने के लिए सरकार की किसी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। गौरतलब है कि साहब सिंह पुत्र मनी चंद बीपीएल परिवार से संबंधित हैं। वह मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। ये सभी मवेशियों के साथ एक ही कमरे में रहते हैं।
अब गर्मियों के मौसम में परिवार के लिए मवेशियों के साथ कमरे में रहना मुश्किल हो जाएगा। साहब सिंह ने बताया कि उनका परिवार जिस कमरे में रहता है, वहां उनके दो बैल, एक गाय और एक बकरा भी बंधा रहता है। उनका आरोप है कि घर बनाने के लिए वह कई बार आवेदन कर चुके हैं लेकिन, अभी तक उनका आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ है। इसके चलते उन्होंने योजना के तहत घर बनाने की आस ही छोड़ दी है।
सलूणी के प्रधान मान सिंह ने बताया कि परिवार की जियो टैगिंग हो चुकी है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, उन्हें योजना के तहत लाभ पहुंचा दिया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी सलूणी निशि महाजन ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है। जल्द इस मामले में संबंधित पंचायत सचिव से बात की जाएगी।
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अब गर्मियों के मौसम में परिवार के लिए मवेशियों के साथ कमरे में रहना मुश्किल हो जाएगा। साहब सिंह ने बताया कि उनका परिवार जिस कमरे में रहता है, वहां उनके दो बैल, एक गाय और एक बकरा भी बंधा रहता है। उनका आरोप है कि घर बनाने के लिए वह कई बार आवेदन कर चुके हैं लेकिन, अभी तक उनका आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ है। इसके चलते उन्होंने योजना के तहत घर बनाने की आस ही छोड़ दी है।
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सलूणी के प्रधान मान सिंह ने बताया कि परिवार की जियो टैगिंग हो चुकी है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, उन्हें योजना के तहत लाभ पहुंचा दिया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी सलूणी निशि महाजन ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है। जल्द इस मामले में संबंधित पंचायत सचिव से बात की जाएगी।