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Chamba News: दो श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगा सरकारी धन के गबन का आरोप
Mon, 25 Sep 2023 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 25 Sep 2023 10:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले की दो पंचायतों में दो श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धनराशि हड़पने का एक और मामला सामने आया है। पूर्व पंचायत प्रधान और सचिव की मिलीभगत से गड़बड़ी का खुलासा आरटीआई के तहत ली गई सूचना में हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ज्ञान चंद ने बताया कि विकास खंड मैहला के तहत एक श्रमिक की पंचायत बंदला और गांव हालेल निवासी श्रमिक की मैहला पंचायत में बीआरजीएफ के तहत निर्माण कार्य ग्रामसभा हाल में दिहाड़ी लगाई गई है। एक ही समय में ही श्रमिकों की मैहला पंचायत में चल रहे अन्य निर्माण कार्य में भी हाजिरी लगाई गई है। दो जगह दिहाड़ी लगाकर डबल राशि का भुगतान किया गया है।
आरोप लगाया है कि बंदला पंचायत के पूर्व प्रधान ने उसे बीआरजीएफ के निर्माण कार्य में 30 जनवरी 2023 अवधि 1 फरवरी से 28 फरवरी 2012 तक क्रम संख्या 4 और क्रम संख्या 13 पर बतौर श्रमिक हाजिर दिखाकर 28-28 दिन का काम करवाया है। उन्हें 120 रुपये प्रतिदिन की दर से 3360-3360 रुपये का भुगतान किया गया है। मस्टररोल की राशि को तत्कालीन मेट ने मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाणित और पारित भी किया। इसी के आधार पर श्रमिकों को आरटीजीएस के तहत भुगतान किया गया। इन्हीं श्रमिकों को मैहला पंचायत के पूर्व प्रधान ने अपनी पंचायत के खेल मैदान और चहारदीवारी के मस्टररोल संख्या 5/12 में 1 फरवरी से 29 फरवरी 2012 तक क्रम संख्या 6 और 14 में हाजिर दिखाकर 28-28 दिन का कार्य उपलब्ध करवाया और 120 रुपये के हिसाब से 3260-3260 की राशि का भुगतान किया। मस्टररोल की राशि को तत्कालीन प्रधान ने मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाणित किया। इसके बाद तत्कालीन सचिव और प्रधान ने अपने नाम चेक काटकर कैश करवा लिया है। शिकायतकर्ता ने पूर्व प्रधान, सचिव के खिलाफ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि पूर्व पंचायत प्रधान समेत अन्य के खिलाफ शिकायत पहुंची है। मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
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चंबा। जिले की दो पंचायतों में दो श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धनराशि हड़पने का एक और मामला सामने आया है। पूर्व पंचायत प्रधान और सचिव की मिलीभगत से गड़बड़ी का खुलासा आरटीआई के तहत ली गई सूचना में हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ज्ञान चंद ने बताया कि विकास खंड मैहला के तहत एक श्रमिक की पंचायत बंदला और गांव हालेल निवासी श्रमिक की मैहला पंचायत में बीआरजीएफ के तहत निर्माण कार्य ग्रामसभा हाल में दिहाड़ी लगाई गई है। एक ही समय में ही श्रमिकों की मैहला पंचायत में चल रहे अन्य निर्माण कार्य में भी हाजिरी लगाई गई है। दो जगह दिहाड़ी लगाकर डबल राशि का भुगतान किया गया है।
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आरोप लगाया है कि बंदला पंचायत के पूर्व प्रधान ने उसे बीआरजीएफ के निर्माण कार्य में 30 जनवरी 2023 अवधि 1 फरवरी से 28 फरवरी 2012 तक क्रम संख्या 4 और क्रम संख्या 13 पर बतौर श्रमिक हाजिर दिखाकर 28-28 दिन का काम करवाया है। उन्हें 120 रुपये प्रतिदिन की दर से 3360-3360 रुपये का भुगतान किया गया है। मस्टररोल की राशि को तत्कालीन मेट ने मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाणित और पारित भी किया। इसी के आधार पर श्रमिकों को आरटीजीएस के तहत भुगतान किया गया। इन्हीं श्रमिकों को मैहला पंचायत के पूर्व प्रधान ने अपनी पंचायत के खेल मैदान और चहारदीवारी के मस्टररोल संख्या 5/12 में 1 फरवरी से 29 फरवरी 2012 तक क्रम संख्या 6 और 14 में हाजिर दिखाकर 28-28 दिन का कार्य उपलब्ध करवाया और 120 रुपये के हिसाब से 3260-3260 की राशि का भुगतान किया। मस्टररोल की राशि को तत्कालीन प्रधान ने मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाणित किया। इसके बाद तत्कालीन सचिव और प्रधान ने अपने नाम चेक काटकर कैश करवा लिया है। शिकायतकर्ता ने पूर्व प्रधान, सचिव के खिलाफ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि पूर्व पंचायत प्रधान समेत अन्य के खिलाफ शिकायत पहुंची है। मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
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