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Chamba News: गृह कर का 15 दिन में भुगतान न किया तो लगेगा 10% जुर्माना
Sun, 22 Feb 2026 10:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 22 Feb 2026 10:23 PM IST
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चंबा। नगर परिषद द्वारा नए साल में लागू किए गए गृह कर को लेकर नए निर्देश दिए गए हैं। अब कर का मैसेज आने के 15 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। तय समय सीमा में राशि जमा न करने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
नगर परिषद के अनुसार गृहकर मकान के आकार, सर्वे और बिल्डिंग के आधार पर तय किया गया है। छोटे मकानों के लिए यह राशि 500 रुपये से शुरू होकर बड़े और प्रमुख भवनों के लिए एक लाख रुपये तक पहुंच रही है।
पहले जहां सालाना गृहकर दो से पांच हजार रुपये तक होता था, वहीं नई गणना के बाद कई मामलों में यह 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस भारी बढ़ोतरी से मकान मालिकों में चिंता बढ़ गई है।
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उदाहरण के तौर पर 10 हजार रुपये के टैक्स पर देरी होने पर 20 हजार तक का भुगतान करना पड़ सकता है, जिसे मकान मालिकों को अनिवार्य रूप से जमा करवाना होगा।
हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यदि उन्हें कर का मैसेज ही नहीं मिला तो वे भुगतान कैसे करेंगे। इस पर नगर परिषद का कहना है कि पूरा सिस्टम निदेशालय के माध्यम से ऑनलाइन संचालित हो रहा है।
नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि गृहकर सर्वे के आधार पर तय किया गया है और निदेशालय के माध्यम से ही ऑनलाइन जमा हो रहा है। जिनके मकान छोटे हैं उनका कर कम है, जबकि बड़े मकानों का कर अधिक निर्धारित हुआ है।
नए हाउस टैक्स की व्यवस्था लागू होने के बाद शहर के कई मकान मालिकों को अब तय समय सीमा में भुगतान सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है।
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नगर परिषद के अनुसार गृहकर मकान के आकार, सर्वे और बिल्डिंग के आधार पर तय किया गया है। छोटे मकानों के लिए यह राशि 500 रुपये से शुरू होकर बड़े और प्रमुख भवनों के लिए एक लाख रुपये तक पहुंच रही है।
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पहले जहां सालाना गृहकर दो से पांच हजार रुपये तक होता था, वहीं नई गणना के बाद कई मामलों में यह 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस भारी बढ़ोतरी से मकान मालिकों में चिंता बढ़ गई है।
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उदाहरण के तौर पर 10 हजार रुपये के टैक्स पर देरी होने पर 20 हजार तक का भुगतान करना पड़ सकता है, जिसे मकान मालिकों को अनिवार्य रूप से जमा करवाना होगा।
हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यदि उन्हें कर का मैसेज ही नहीं मिला तो वे भुगतान कैसे करेंगे। इस पर नगर परिषद का कहना है कि पूरा सिस्टम निदेशालय के माध्यम से ऑनलाइन संचालित हो रहा है।
नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि गृहकर सर्वे के आधार पर तय किया गया है और निदेशालय के माध्यम से ही ऑनलाइन जमा हो रहा है। जिनके मकान छोटे हैं उनका कर कम है, जबकि बड़े मकानों का कर अधिक निर्धारित हुआ है।
नए हाउस टैक्स की व्यवस्था लागू होने के बाद शहर के कई मकान मालिकों को अब तय समय सीमा में भुगतान सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है।