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अतिरिक्त मानदेय देने के फैसले में अनदेखी का आरोप
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चंबा। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री के कोरोना वॉरियरों को अप्रैल और मई में अतिरिक्त मानदेय देने के फैसले को सराहनीय कदम बताया है। हालांकि, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के कई वर्गों की अनदेखी का भी आरोप लगाया है।
महासंघ चंबा के प्रधान एमआर शर्मा और महासचिव लोकिंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हिमाचल दिवस पर कोरोना वॉरियरों को अतिरिक्त मानदेय देने का फैसला तो लिया है लेकिन, इसमें स्वास्थ्य विभाग के कई वर्गों की अनदेखी की गई है। कहा कि ये वर्ग कई माह से अपने काम के साथ-साथ कोविड-19 मरीजों से जुड़ा हुआ है।
चाहे घर पर आइसोलेशन की बात हो या कंटेनमेंट जोन की बात हो। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी रात-दिन इस अभियान में डटे हुए हैं। लेकिन, बड़े ही खेद का विषय है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस वर्ग का नाम तक नहीं लिया और मानदेय के लिए ऐसी श्रेणी के कर्मचारियों को जोड़ा गया जो इस कार्य के प्रति समर्पित भी नहीं हैं।
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बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी मुख्यमंत्री के इस पक्षपात पूर्ण व्यवहार पर आपत्ति और अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री से इस भूल को सुधारने की अपील करते हैं। कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन का समय चला हुआ है। तब भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता दिन-रात कार्य कर रहे हैं और लोगों को टीकाकरण का लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इस वर्ग को भी अन्य वर्ग के साथ मानदेय प्रदान किया जाए।
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महासंघ चंबा के प्रधान एमआर शर्मा और महासचिव लोकिंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हिमाचल दिवस पर कोरोना वॉरियरों को अतिरिक्त मानदेय देने का फैसला तो लिया है लेकिन, इसमें स्वास्थ्य विभाग के कई वर्गों की अनदेखी की गई है। कहा कि ये वर्ग कई माह से अपने काम के साथ-साथ कोविड-19 मरीजों से जुड़ा हुआ है।
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चाहे घर पर आइसोलेशन की बात हो या कंटेनमेंट जोन की बात हो। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी रात-दिन इस अभियान में डटे हुए हैं। लेकिन, बड़े ही खेद का विषय है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस वर्ग का नाम तक नहीं लिया और मानदेय के लिए ऐसी श्रेणी के कर्मचारियों को जोड़ा गया जो इस कार्य के प्रति समर्पित भी नहीं हैं।
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बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी मुख्यमंत्री के इस पक्षपात पूर्ण व्यवहार पर आपत्ति और अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री से इस भूल को सुधारने की अपील करते हैं। कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन का समय चला हुआ है। तब भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता दिन-रात कार्य कर रहे हैं और लोगों को टीकाकरण का लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इस वर्ग को भी अन्य वर्ग के साथ मानदेय प्रदान किया जाए।