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मेडिकल कॉलेज में शीघ्र होंगे दिल के रोगियों के ईको टेस्ट
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चंबा। जिले के हृदय रोगियों को अब अपना ईको टेस्ट करवाने के लिए टांडा या शिमला की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस मशीन को चंबा मेडिकल कॉलेेज में ही स्थापित किया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन ने 25 लाख की मशीन खरीदी है, जिसे स्थापित करने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद मरीजों को चंबा में ही इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
मौजूदा समय में जिले के हृदय रोगी अपना ईको टेस्ट करवाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर टांडा या शिमला जाने के लिए मजबूर हैं। यहां पर उन्हें टेस्ट करवाने के लिए पहले लंबी तारीख मिलती है, उसके बाद टेस्ट होता है। जिले के लोग लंबे समय से सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे थे कि चंबा मेडिकल कॉलेज में ईको मशीन स्थापित की जाए। लोगों की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सरकार से अनुमति लेकर मशीन को खरीदा है।
मौजूदा समय में जिले के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में ईको मशीन स्थापित नहीं है। इसके अलावा हृदय रोग विशेषज्ञ की किसी भी सरकारी अस्पताल में तैनाती नहीं है। ऐसे में ईको टेस्ट शुरू होने से मेडिसन विशेषज्ञ हृदय रोगियों को प्राथमिक उपचार दे पाएंगे। साथ ही समय पर हृदय की बीमारी का पता लग पाएगा।
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हाल ही में मेडिकल कॉलेज में हुए हृदय जांच शिविर में 1000 से अधिक लोगों ने अपना ईको टेस्ट करवाया था। इसमें दो दर्जन से अधिक लोगों को एंजियोग्राफी की सलाह दी गई जबकि आधा दर्जन मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी के लिए कहा गया। यह शिविर संस्था की ओर से निशुल्क लगाया गया था, जिसमें आईजीएमसी के विशेषज्ञों ने सेवाएं दी थीं।
प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि ईको मशीन खरीदी जा चुकी है। इसे स्थापित करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इस मशीन को खरीदने में सरकार और प्रशासन का उन्हें पूरा सहयोग मिला है। आने वाले समय में हृदय रोगियों के ईको टेस्ट चंबा में ही किए जाएंगे।
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मौजूदा समय में जिले के हृदय रोगी अपना ईको टेस्ट करवाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर टांडा या शिमला जाने के लिए मजबूर हैं। यहां पर उन्हें टेस्ट करवाने के लिए पहले लंबी तारीख मिलती है, उसके बाद टेस्ट होता है। जिले के लोग लंबे समय से सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे थे कि चंबा मेडिकल कॉलेज में ईको मशीन स्थापित की जाए। लोगों की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सरकार से अनुमति लेकर मशीन को खरीदा है।
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मौजूदा समय में जिले के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में ईको मशीन स्थापित नहीं है। इसके अलावा हृदय रोग विशेषज्ञ की किसी भी सरकारी अस्पताल में तैनाती नहीं है। ऐसे में ईको टेस्ट शुरू होने से मेडिसन विशेषज्ञ हृदय रोगियों को प्राथमिक उपचार दे पाएंगे। साथ ही समय पर हृदय की बीमारी का पता लग पाएगा।
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हाल ही में मेडिकल कॉलेज में हुए हृदय जांच शिविर में 1000 से अधिक लोगों ने अपना ईको टेस्ट करवाया था। इसमें दो दर्जन से अधिक लोगों को एंजियोग्राफी की सलाह दी गई जबकि आधा दर्जन मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी के लिए कहा गया। यह शिविर संस्था की ओर से निशुल्क लगाया गया था, जिसमें आईजीएमसी के विशेषज्ञों ने सेवाएं दी थीं।
प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि ईको मशीन खरीदी जा चुकी है। इसे स्थापित करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इस मशीन को खरीदने में सरकार और प्रशासन का उन्हें पूरा सहयोग मिला है। आने वाले समय में हृदय रोगियों के ईको टेस्ट चंबा में ही किए जाएंगे।