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Chamba News: किहार, भरमौर, तीसा और चुवाड़ी अस्पतालों में खुलेंगे डायलिसिस सेंटर
Wed, 21 Jan 2026 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 21 Jan 2026 10:47 PM IST
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चंबा। जिले में किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को अब डायलिसिस करवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। चार नागरिक अस्पतालों में उन्हें नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की तरफ से यह सुविधा मिलने वाली है। नागरिक अस्पताल किहार, भरमौर, तीसा और चुवाड़ी में डायलिसिस सेंटर खोले जाएंगे।
इन अस्पतालों में डायलिसिस करने के लिए डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ की तैनाती होगी। खास बात यह है कि यह स्टाफ सिर्फ सेंटर में आने वाले मरीजों को ही सेवाएं प्रदान करेगा। नेशनल हेल्थ मिशन की टीम इन अस्पतालों का निरीक्षण कर चुकी है। इसकी केंद्र भी केंद्र सरकार के पास जा चुकी है। जल्द ही इन सेंटरों को सुचारु करने की स्वीकृति मिल सकती है।
मौजूदा समय में सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही डायलिसिस करवाने की सुविधा उपलब्ध है। जहां पर जिलेभर के मरीजों को समय-समय पर जाना पड़ता है। दूरदराज के इलाकों के मरीजों को यहां तक पहुंचना आसान नहीं होता। ऐसे में यदि चार नागरिक अस्पतालों में ये सेंटर शुरू होंगे तो वहां के इलाकों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। देश में तेजी के साथ बढ़ रही किडनी रोगियों की संख्या को ध्यान में रखकर सरकार और विभाग इन सेंटरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
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डायलिसिस उन मरीजों का होता है, जिनकी किडनी (गुर्दे) गंभीर रूप से खराब हो चुकी होती हैं और वे खून से विषाक्त पदार्थों, अतिरिक्त तरल पदार्थ (पानी) और अपशिष्टों (जैसे यूरिया, क्रिएटिनिन) को प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में डायलिसिस एक कृत्रिम किडनी की तरह काम करके शरीर को साफ करता है।
जिले के चार नागरिक अस्पतालों में जल्द ही डायलिसिस सेंटरों की सुविधा मिल सकती है। मरीजों को घर के पास राहत मिलेगी। एनएचएम ने सर्वेक्षण किया है और जल्द ही इनको खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी। डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा
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इन अस्पतालों में डायलिसिस करने के लिए डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ की तैनाती होगी। खास बात यह है कि यह स्टाफ सिर्फ सेंटर में आने वाले मरीजों को ही सेवाएं प्रदान करेगा। नेशनल हेल्थ मिशन की टीम इन अस्पतालों का निरीक्षण कर चुकी है। इसकी केंद्र भी केंद्र सरकार के पास जा चुकी है। जल्द ही इन सेंटरों को सुचारु करने की स्वीकृति मिल सकती है।
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मौजूदा समय में सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही डायलिसिस करवाने की सुविधा उपलब्ध है। जहां पर जिलेभर के मरीजों को समय-समय पर जाना पड़ता है। दूरदराज के इलाकों के मरीजों को यहां तक पहुंचना आसान नहीं होता। ऐसे में यदि चार नागरिक अस्पतालों में ये सेंटर शुरू होंगे तो वहां के इलाकों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। देश में तेजी के साथ बढ़ रही किडनी रोगियों की संख्या को ध्यान में रखकर सरकार और विभाग इन सेंटरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
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डायलिसिस उन मरीजों का होता है, जिनकी किडनी (गुर्दे) गंभीर रूप से खराब हो चुकी होती हैं और वे खून से विषाक्त पदार्थों, अतिरिक्त तरल पदार्थ (पानी) और अपशिष्टों (जैसे यूरिया, क्रिएटिनिन) को प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में डायलिसिस एक कृत्रिम किडनी की तरह काम करके शरीर को साफ करता है।
जिले के चार नागरिक अस्पतालों में जल्द ही डायलिसिस सेंटरों की सुविधा मिल सकती है। मरीजों को घर के पास राहत मिलेगी। एनएचएम ने सर्वेक्षण किया है और जल्द ही इनको खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी। डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा