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Chamba News: नंगे पांव नाग बिंतरू महाराज को लेने के लिए उमड़े श्रद्धालु
Sun, 20 Sep 2026 10:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:29 PM IST
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प्रिययुगल से कुठेहड़ पहुंचे नाग बिंतरू महाराज, जयघोष से गूंजा चुवाड़ी क्षेत्र
बच्चों से बुजुर्गों तक ने निभाई परंपरा, नाग मंढौर जातर में होगा दोनों देवों का मिलन
संवाद न्यूज एजेंसी
चुवाड़ी (चंबा)। चुवाड़ी क्षेत्र की आस्था और लोक परंपरा के प्रतीक नाग मंढौर जातर मेले का आगाज हो गया है। रविवार को प्रिययुगल स्थित नाग बिंतरू मंदिर से शाम करीब पांच बजे नाग बिंतरू महाराज के गुर साजो-सामान के साथ पंक्ति में नाग मंढौर मंदिर कुठेहड़ के लिए रवाना हुए।
नाग महाराज को लेने के लिए क्षेत्र के श्रद्धालु नंगे पांव प्रिययुगल पहुंचे। इनमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल रहे।
नाग बिंतरू महाराज के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने धूप डालकर नाग महाराज का आशीर्वाद लिया। इसके बाद नाग बिंतरू महाराज प्रिययुगल से वनेट, चूड़ाणा, लाहड़ और लगा होते हुए कुठेहड़ पहुंचे। रास्ते में भी श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
क्षेत्र के आराध्य देव नाग मंढौर महाराज के कुठेहड़ मंदिर में आठ जातरें आयोजित होती हैं। इनमें नाग मंढौर और नाग बिंतरू महाराज का मिलन विशेष आकर्षण रहता है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से श्रद्धालु जातरों में पहुंचकर शीश नवाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार जातर के दौरान नाग महाराज के गुर मौसम और लोगों की मनोकामनाओं को लेकर भविष्यवाणियां भी करते हैं।
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कुड़णू पंचायत के प्रधान रजनीश और वार्ड सदस्य प्रदीप ठाकुर ने बताया कि नाग मंढौर महाराज की पहली जातर का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ था। जातर मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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बच्चों से बुजुर्गों तक ने निभाई परंपरा, नाग मंढौर जातर में होगा दोनों देवों का मिलन
संवाद न्यूज एजेंसी
चुवाड़ी (चंबा)। चुवाड़ी क्षेत्र की आस्था और लोक परंपरा के प्रतीक नाग मंढौर जातर मेले का आगाज हो गया है। रविवार को प्रिययुगल स्थित नाग बिंतरू मंदिर से शाम करीब पांच बजे नाग बिंतरू महाराज के गुर साजो-सामान के साथ पंक्ति में नाग मंढौर मंदिर कुठेहड़ के लिए रवाना हुए।
नाग महाराज को लेने के लिए क्षेत्र के श्रद्धालु नंगे पांव प्रिययुगल पहुंचे। इनमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल रहे।
नाग बिंतरू महाराज के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने धूप डालकर नाग महाराज का आशीर्वाद लिया। इसके बाद नाग बिंतरू महाराज प्रिययुगल से वनेट, चूड़ाणा, लाहड़ और लगा होते हुए कुठेहड़ पहुंचे। रास्ते में भी श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
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क्षेत्र के आराध्य देव नाग मंढौर महाराज के कुठेहड़ मंदिर में आठ जातरें आयोजित होती हैं। इनमें नाग मंढौर और नाग बिंतरू महाराज का मिलन विशेष आकर्षण रहता है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से श्रद्धालु जातरों में पहुंचकर शीश नवाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार जातर के दौरान नाग महाराज के गुर मौसम और लोगों की मनोकामनाओं को लेकर भविष्यवाणियां भी करते हैं।
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कुड़णू पंचायत के प्रधान रजनीश और वार्ड सदस्य प्रदीप ठाकुर ने बताया कि नाग मंढौर महाराज की पहली जातर का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ था। जातर मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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