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Chamba News: 25 करोड़ रुपये की मशीन होने पर भी निजी लैब में करवाना पड़ा सीटी स्कैन
Wed, 28 Aug 2024 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 28 Aug 2024 10:40 PM IST
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चंबा मेडिकल काॅलेज से भरमाणी माता मार्ग पर हुए गाड़ी हादसे में घायल को टांडा रेफर करने के बाद ए
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 25 करोड़ की सीटी स्कैन मशीन होने के बावजूद टैक्सी दुर्घटना के घायलों को निजी लैब में सीटी स्कैन करवाना पड़ा। इसका कारण चंबा मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं होना है।
मौजूदा समय में एक रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग को संभाल रहा है। उसे मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने से ही फुरसत नहीं मिलती। सुबह से शाम तक वह मरीजों के अल्ट्रासाउंड करते हैं। सीटी स्कैन और एमआरआई करने के लिए कोई रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज के पास नहीं है। यही वजह है कि बुधवार को भरमौर-भरमाणी माता मार्ग पर टैक्सी दुर्घटना में घायल मरीज को सीटी स्कैन के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाया गया तो सीटी स्कैन के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में भेजा गया। दुर्घटना में घायल किसी भी मरीज को सरोल में बनाए गए ट्रॉमा केयर सेंटर में नहीं भेजा गया। वहां न तो जरूरी स्टाफ है और न ही जरूरी मशीनें उपलब्ध हैं। सरकार ने मात्र खानापूर्ति करने के लिए ट्रॉमा केयर सेंटर खोल दिया है, लेकिन वहां अभी किसी भी मरीज को इलाज की सुविधा नहीं मिल पाई है। यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज से दो घायलों को उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए सरकार से रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। ट्रॉमा केयर सेंटर में भी जरूरी मशीनें और स्टाफ की उपलब्धता करवाई जा रही है।
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मौजूदा समय में एक रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग को संभाल रहा है। उसे मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने से ही फुरसत नहीं मिलती। सुबह से शाम तक वह मरीजों के अल्ट्रासाउंड करते हैं। सीटी स्कैन और एमआरआई करने के लिए कोई रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज के पास नहीं है। यही वजह है कि बुधवार को भरमौर-भरमाणी माता मार्ग पर टैक्सी दुर्घटना में घायल मरीज को सीटी स्कैन के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाया गया तो सीटी स्कैन के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में भेजा गया। दुर्घटना में घायल किसी भी मरीज को सरोल में बनाए गए ट्रॉमा केयर सेंटर में नहीं भेजा गया। वहां न तो जरूरी स्टाफ है और न ही जरूरी मशीनें उपलब्ध हैं। सरकार ने मात्र खानापूर्ति करने के लिए ट्रॉमा केयर सेंटर खोल दिया है, लेकिन वहां अभी किसी भी मरीज को इलाज की सुविधा नहीं मिल पाई है। यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज से दो घायलों को उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए सरकार से रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। ट्रॉमा केयर सेंटर में भी जरूरी मशीनें और स्टाफ की उपलब्धता करवाई जा रही है।
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