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पांगी को विस क्षेत्र बनाने के लिए सीएम से करेंगे मांग
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पांगी (चंबा)। पांगी मुख्यालय किलाड़ में पांगी फर्स्ट पंगवाल संस्था ने बुधवार को बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता एनजीओ के उपाध्यक्ष कृष्ण चंद ने की।
संस्था ने पांगी को अलग विधानसभा क्षेत्र, महाविद्यालय में प्रोफेसरों के रिक्त पद भरने, बिजली संकट से निजात दिलाने, पांगी में पॉवर हाउस बनाने, आवासीय आयुक्त को 1986 की तर्ज पर शक्तियां प्रदान करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के बाद प्रस्ताव पारित कर उपमंडल अधिकारी पांगी विश्रुत भारती के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजने का निर्णय लिया है।
संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों का कहना है पांगी 1952 से अलग विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था। सन 1957 में परिसीमन के दौरान पांगी को भरमौर विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ दिया गया। तब से पांगी के लोगों को विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला है। इसके चलते पांगी का विकास कार्य तीव्र गति से नहीं हो रहा है।
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पांगी के लोगों को विधायक से मिलने के लिए 700 किलोमीटर का सफर कर भरमौर जाना पड़ता है। सर्दियों में छह माह बर्फबारी के कारण पांगी का संपर्क कट जाता है। इससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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संस्था ने पांगी को अलग विधानसभा क्षेत्र, महाविद्यालय में प्रोफेसरों के रिक्त पद भरने, बिजली संकट से निजात दिलाने, पांगी में पॉवर हाउस बनाने, आवासीय आयुक्त को 1986 की तर्ज पर शक्तियां प्रदान करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के बाद प्रस्ताव पारित कर उपमंडल अधिकारी पांगी विश्रुत भारती के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजने का निर्णय लिया है।
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संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों का कहना है पांगी 1952 से अलग विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था। सन 1957 में परिसीमन के दौरान पांगी को भरमौर विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ दिया गया। तब से पांगी के लोगों को विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला है। इसके चलते पांगी का विकास कार्य तीव्र गति से नहीं हो रहा है।
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पांगी के लोगों को विधायक से मिलने के लिए 700 किलोमीटर का सफर कर भरमौर जाना पड़ता है। सर्दियों में छह माह बर्फबारी के कारण पांगी का संपर्क कट जाता है। इससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।