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Chamba News: पहले हटेगा पहाड़ी से मलबा, वैकल्पिक मार्ग की संभावना नहीं
Thu, 09 May 2024 09:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 09 May 2024 09:53 PM IST
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चंबा के खड़ामुख-होली मार्ग पर हुए भूस्खलन वाली जगह का निरीक्षण करते लोक निर्माण विभाग के अधिका
होली चंबा। पिछले करीब एक माह से भूस्खलन के कारण बंद चल रहा खड़ामुख-होली मार्ग बहाल नहीं हो सका है। इसे बहाल करने की योजना बनाने के लिए विशेषज्ञों की टीम ने वीरवार को भूस्खलन ग्रस्त स्थल का दौरा किया।
टीम में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, परियोजना प्रबंधन अधिकारी सहित नेशनल हाईवे के अधिकारी मौजूद रहे। सर्वप्रथम संयुक्त टीम ने दोनों तरफ से भूस्खलन ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने वैकल्पिक मार्ग की संभावनाएं भी तलाशीं, मगर कोई योजना नहीं दिखी। बहरहाल, अब पहाड़ी से जर्जर मलबे को हटाने का निर्णय लिया गया। दरअसल, पहाड़ी से करीब 200 मीटर दूरी तक मलबा फैल गया है। सड़क से जैसे ही मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जा रहा तो पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। ऐसे में इस मार्ग पर नीचे से मलबा हटाना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। बहरहाल, विशेषज्ञ ने योजना तैयार की है कि वे पहले जर्जर पहाड़ी से मलबा हटाएंगे। ताकि नीचे से मार्ग बहाली के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। गौरतलब है कि इस मार्ग को बंद हुए लंबा समय बीतता आया है, मगर अभी तक कोई स्थायी योजना प्रशासन और विभाग नहीं बना पाया है। ऐसे में क्षेत्र की करीब 14 पंचायताें के हजारों लोगाें को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर मार्ग बंद होने के चलते ग्रामीणों की दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही है।
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लोक निर्माण विभाग भरमौर के अधिशाषी अभियंता मीत कुमार ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों सहित परियोजना प्रबंधन के विशेषज्ञ के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण किया गया है। कहा कि वैकल्पिक मार्ग की संभावना नहीं दिख रही है। कहा कि टीम ने जर्जर मलबे को पहले हटाने का निर्णय लिया है। इस पर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
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टीम में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, परियोजना प्रबंधन अधिकारी सहित नेशनल हाईवे के अधिकारी मौजूद रहे। सर्वप्रथम संयुक्त टीम ने दोनों तरफ से भूस्खलन ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने वैकल्पिक मार्ग की संभावनाएं भी तलाशीं, मगर कोई योजना नहीं दिखी। बहरहाल, अब पहाड़ी से जर्जर मलबे को हटाने का निर्णय लिया गया। दरअसल, पहाड़ी से करीब 200 मीटर दूरी तक मलबा फैल गया है। सड़क से जैसे ही मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जा रहा तो पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। ऐसे में इस मार्ग पर नीचे से मलबा हटाना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। बहरहाल, विशेषज्ञ ने योजना तैयार की है कि वे पहले जर्जर पहाड़ी से मलबा हटाएंगे। ताकि नीचे से मार्ग बहाली के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। गौरतलब है कि इस मार्ग को बंद हुए लंबा समय बीतता आया है, मगर अभी तक कोई स्थायी योजना प्रशासन और विभाग नहीं बना पाया है। ऐसे में क्षेत्र की करीब 14 पंचायताें के हजारों लोगाें को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर मार्ग बंद होने के चलते ग्रामीणों की दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही है।
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लोक निर्माण विभाग भरमौर के अधिशाषी अभियंता मीत कुमार ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों सहित परियोजना प्रबंधन के विशेषज्ञ के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण किया गया है। कहा कि वैकल्पिक मार्ग की संभावना नहीं दिख रही है। कहा कि टीम ने जर्जर मलबे को पहले हटाने का निर्णय लिया है। इस पर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
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