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Chamba News: रिंडा पंचायत के दो दर्जन गांवों में पसरा अंधेरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
खज्ज्यिार (चंबा)। रिंडा पंचायत के दो दर्जन गांवों में पिछले एक सप्ताह से अंधेरा पसरा हुआ है। विद्युत आपूर्ति के गुल होने से लोगों को ठंड में ठिठुरते हुए सर्द रातें गुजारनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दो सालों से तीन ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खराबी चल रही है। बावजूद इसके हर मर्तबा बोर्ड के कर्मी खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के बजाय जुगाड़ के सहारे ही आपूर्ति को बहाल कर रहे हैं।
इसके चलते बिजली की आंखमिचौनी से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बोर्ड के अधिकारियों को चेताया है कि समस्या का जल्द समाधान न होने पर वे मुख्यमंत्री संकल्प सेवा पर शिकायत करेंगे। इसके लिए बोर्ड के अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे।
ग्राम पंचायत रिंडा के गांवों सिमली, रिंडा, धबडेह, लालेह, टिकर, कुट, खोहली, नाला, सरूई, हौड़ा समेत अन्य गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों विशेषकर गृहिणियों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ रही है। बिजली के अभाव में ग्रामीण बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं। गृहिणियों को भी दिन के उजाले में ही रात का खाना बनाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आगामी माह बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं हैं। ऐसे में बिजली की आपूर्ति न होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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तिलक राज, संसार चंद, मनीष कुमार, पवन कुमार, राज कुमार और रमेश कुमार ने बताया कि एक सप्ताह से ग्रामीण अंधेरे मेें रहने के लिए मजबूर हैं। बिजली के तीन ट्रांसफार्मर खराब होने के बारे में कई बार लिखित में बोर्ड के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। बावजूद इसके बोर्ड प्रबंधन बजट का अभाव होने का तर्क देकर अपना पल्लू झाड़ रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रात के समय यदि बिजली गुल हो जाती है तो उन्हें अगले दिन जिला मुख्यालय पहुंच कर बोर्ड कार्यालय में ही शिकायत करनी पड़ती है। क्षेत्र में शिकायत कक्ष तक नहीं है। बिजली बिलों की अदायगी समय पर न होने पर बोर्ड बिजली काटने संबंधी नोटिस जारी कर देता है। बावजूद इसके बोर्ड प्रबंधन अपनी व्यवस्थाओं को सुधारने में नाकाम साबित हो रहा है।
विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता अजय कुमार ने बताया कि गांवों में बिजली की आपूर्ति बहाल करवा दी गई है। बताया कि क्षेत्र के लिए नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने के बारे में प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही प्रस्ताव को स्वीकृति मिलेगी, ट्रांसफार्मर स्थापित करवा दिए जाएंगे।
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खज्ज्यिार (चंबा)। रिंडा पंचायत के दो दर्जन गांवों में पिछले एक सप्ताह से अंधेरा पसरा हुआ है। विद्युत आपूर्ति के गुल होने से लोगों को ठंड में ठिठुरते हुए सर्द रातें गुजारनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दो सालों से तीन ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खराबी चल रही है। बावजूद इसके हर मर्तबा बोर्ड के कर्मी खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के बजाय जुगाड़ के सहारे ही आपूर्ति को बहाल कर रहे हैं।
इसके चलते बिजली की आंखमिचौनी से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बोर्ड के अधिकारियों को चेताया है कि समस्या का जल्द समाधान न होने पर वे मुख्यमंत्री संकल्प सेवा पर शिकायत करेंगे। इसके लिए बोर्ड के अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे।
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ग्राम पंचायत रिंडा के गांवों सिमली, रिंडा, धबडेह, लालेह, टिकर, कुट, खोहली, नाला, सरूई, हौड़ा समेत अन्य गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों विशेषकर गृहिणियों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ रही है। बिजली के अभाव में ग्रामीण बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं। गृहिणियों को भी दिन के उजाले में ही रात का खाना बनाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आगामी माह बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं हैं। ऐसे में बिजली की आपूर्ति न होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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तिलक राज, संसार चंद, मनीष कुमार, पवन कुमार, राज कुमार और रमेश कुमार ने बताया कि एक सप्ताह से ग्रामीण अंधेरे मेें रहने के लिए मजबूर हैं। बिजली के तीन ट्रांसफार्मर खराब होने के बारे में कई बार लिखित में बोर्ड के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। बावजूद इसके बोर्ड प्रबंधन बजट का अभाव होने का तर्क देकर अपना पल्लू झाड़ रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रात के समय यदि बिजली गुल हो जाती है तो उन्हें अगले दिन जिला मुख्यालय पहुंच कर बोर्ड कार्यालय में ही शिकायत करनी पड़ती है। क्षेत्र में शिकायत कक्ष तक नहीं है। बिजली बिलों की अदायगी समय पर न होने पर बोर्ड बिजली काटने संबंधी नोटिस जारी कर देता है। बावजूद इसके बोर्ड प्रबंधन अपनी व्यवस्थाओं को सुधारने में नाकाम साबित हो रहा है।
विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता अजय कुमार ने बताया कि गांवों में बिजली की आपूर्ति बहाल करवा दी गई है। बताया कि क्षेत्र के लिए नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने के बारे में प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही प्रस्ताव को स्वीकृति मिलेगी, ट्रांसफार्मर स्थापित करवा दिए जाएंगे।