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Chamba News: बर्फबारी से फसलों को मिली संजीवनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
किहार (चंबा)। किहार सेक्टर के तहत आने वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और भारी बारिश ने किसानों-बागवानों के चेहरों पर खोई रौनक लौटा दी है। क्षेत्र की निचले क्षेत्रों में 10.16 से लेकर ऊपरी चोटियों पर 30 सेंमी तक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के बाद जमीन में नमी होने से बेमौसमी सब्जियां उगाने वाले किसानों को उम्दा पैदावार की उम्मीद जगी है। बर्फबारी से चिलिंग आवर्स पूरे होने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। किहार क्षेत्र के तहत आने वाले भांदल, सनूंह, किहार, किलोड़, सूरी, डांड, भड़ेला और कंधवारा के अधिकांश ग्रामीण खेतीबाड़ी कर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। वर्तमान समय में किसान अपने खेतों में बेमौसमी सब्जियां आलू और मटर बीजते हैं। बावजूद इसके सिंचाई की सहूलियत न होना किसानों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। बहरहाल बीते दिनों हुई भारी बारिश और बर्फबारी ने सूखने की कगार पर पहुंची बेमौसमी सब्जियों को संजीवनी देने का काम किया है। वहीं बागवानों की मानें तो फलदार पौधों में बर्फबारी और भारी बारिश के बाद कोई बीमारी नहीं लग पाती है। जमीन में अत्यधिक नमी के कारण आवश्यकतानुसार फलदार पेड़-पौधों को पानी मिलता रहता है।
राज कुमार, सुरेंद्र सिंह, राकेश कुमार, मदनलाल, उत्तम चंद, प्यार मोहम्मद, मेहबूबखान, सदीक मोहम्मद, मोहम्मद रमजान, प्यार दीन, असरफ आदि ने बताया कि क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी ने बागवानों-किसानों को राहत प्रदान करने का काम किया है।
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किहार (चंबा)। किहार सेक्टर के तहत आने वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और भारी बारिश ने किसानों-बागवानों के चेहरों पर खोई रौनक लौटा दी है। क्षेत्र की निचले क्षेत्रों में 10.16 से लेकर ऊपरी चोटियों पर 30 सेंमी तक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के बाद जमीन में नमी होने से बेमौसमी सब्जियां उगाने वाले किसानों को उम्दा पैदावार की उम्मीद जगी है। बर्फबारी से चिलिंग आवर्स पूरे होने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। किहार क्षेत्र के तहत आने वाले भांदल, सनूंह, किहार, किलोड़, सूरी, डांड, भड़ेला और कंधवारा के अधिकांश ग्रामीण खेतीबाड़ी कर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। वर्तमान समय में किसान अपने खेतों में बेमौसमी सब्जियां आलू और मटर बीजते हैं। बावजूद इसके सिंचाई की सहूलियत न होना किसानों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। बहरहाल बीते दिनों हुई भारी बारिश और बर्फबारी ने सूखने की कगार पर पहुंची बेमौसमी सब्जियों को संजीवनी देने का काम किया है। वहीं बागवानों की मानें तो फलदार पौधों में बर्फबारी और भारी बारिश के बाद कोई बीमारी नहीं लग पाती है। जमीन में अत्यधिक नमी के कारण आवश्यकतानुसार फलदार पेड़-पौधों को पानी मिलता रहता है।
राज कुमार, सुरेंद्र सिंह, राकेश कुमार, मदनलाल, उत्तम चंद, प्यार मोहम्मद, मेहबूबखान, सदीक मोहम्मद, मोहम्मद रमजान, प्यार दीन, असरफ आदि ने बताया कि क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी ने बागवानों-किसानों को राहत प्रदान करने का काम किया है।
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