फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Crooked neck surgery done for the first time in Chamba Medical College

Chamba News: चंबा मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुई टेढ़ी गर्दन की सर्जरी

Sun, 25 Feb 2024 07:06 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 25 Feb 2024 07:06 PM IST
विज्ञापन
Crooked neck surgery done for the first time in Chamba Medical College
चंबा मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुई टेढ़ी गर्दन की सर्जरी
विज्ञापन

प्राचार्य एसएस डोगरा और उनकी टीम ने डेढ़ घंटे में कर दिखाई टार्टिकोलिस की सर्जरी
ऑपरेशन के बाद अब 12 साल का बच्चा दाएं-बाएं गर्दन मोड़ने में हो चुका है सक्षम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज भले ही विशेषज्ञों की कमी को लेकर चर्चा में रहा हो, लेकिन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने अपनी टीम के साथ मिलकर चंबा में पहली बार टार्टिकोलिस सर्जरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
12 वर्षीय बच्चा गर्दन की इस बीमारी से जन्म से पीड़ित था। बीमारी की वजह से उसकी गर्दन एक तरफ ही झुकी रहती थी। दूसरी तरफ अपनी गर्दन चाहकर भी नहीं मोड़ पाता था। ऐसे में जब उस बच्चे को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लाया गया तो वहां मरीजों की जांच कर रहे प्राचार्य डॉक्टर एसएस डोगरा ने बच्चे की इस बीमारी की पहचान की। साथ ही बच्चे को ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती किया। ऑपरेशन से पूर्व बच्चे के स्वास्थ्य संबंधित सभी जरूरी टेस्ट करवाए गए। इसके बाद बीते मंगलवार को इस ऑपरेशन की तिथि निर्धारित की गई।
विज्ञापन


बच्चे को जब सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर के अंदर ले जाया गया तो बाहर परिजन उसको लेकर काफी चिंतित थे। करीब डेढ़ घंटे तक यह सर्जरी चली। इसके उपरांत जब बच्चे को बाहर लाया गया तो परिजन उसकी टेढ़ी गर्दन को सीधा देखकर काफी खुश हुए। सर्जरी के उपरांत अब बच्चा अपनी गर्दन को दाएं और बाएं भी घुमाने में सक्षम है। इससे पहले चंबा में इस प्रकार की सर्जरी कभी नहीं हुई। हालांकि, मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में रीढ़ की हड्डी से लेकर कूल्हे के प्रत्यारोपण संबंधित कई बड़ी सर्जरी चंबा में की जा चुकी है। ऐसे में ईएनटी विभाग में टार्टिकोलिस सर्जरी होने से चंबा मेडिकल कॉलेज के नाम पर एक ओर उपलब्धि जुड़ी है। इस सर्जरी को सफल बनाने में प्राचार्य के साथ डॉक्टर वर्तिका सहित एनीस्थीसिया और ओटीए स्टाफ भी मौजूद रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, प्राचार्य डॉक्टर एसएस डोगरा ने बताया कि 12 वर्ष का बच्चा जन्म से ही टार्टिकोलिस यानी टेढ़ी गर्दन की बीमारी से पीड़ित था। इस बच्चे को सर्जरी कर इस बीमारी से निजात दिलाई गई है। यह सर्जरी चंबा में पहली बार हुई है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed