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सेरी पंचायत में लाखों का घोटाला
Updated Sun, 13 May 2018 10:59 PM IST
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fraud shimla
- फोटो : demo pics
पंकज सलारिया
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चंबा। विकास खंड सलूणी के तहत ग्राम पंचायत सेरी में विभिन्न योजनाओं में लाखों का घोटाला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में यह आरोप है कि पंचायत में फर्जी रसीदों और अन्य तरीकों से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है। हैरानी इस बात की है कि स्वच्छ भार मिशन के तहत तीन मृतकों के नाम पर भी राशि जारी कर दी गई। जबकि शौचालय निर्माण से लेकर बीपीएल बोर्ड लेखन कार्यों में भी फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है।
इस मामले में प्रारंभिक जांच के बाद पंचायत प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर उन्होंने 15 दिनों के भीतर जवाब नहीं दिया गया तो उसके खिलाफ एक तरफ कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार सेरी पंचायत प्रधान के खिलाफ स्वच्छ भारत मिशन, बीपीएल बोर्ड लेखन और अपने पुत्र को पंचायत कार्यों में वेंडर के रूप में सामग्री क्रय करने आरोप लगे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 65 में से तीन ऐसे लोगों को शामिल किया गया था जिनकी मौत जनवरी 2016 में हो चुकी थी। मगर प्रधान ने उनके नाम की रसीदें तैयार करके राशि जारी कर दी। वहीं इस पूरे मामले में पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगे है। ऐेसे में पंचायत सचिव पर भी इसकी गाज गिरना लगभग तय है।
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शौचालय निर्माण के नाम पर भी गड़बड़झाला
जांच में खुलासा हुआ है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रधान ने बैंक से नगद राशि आहरित की गई और 65 फर्जी रसीदें तैयार की गई। यह पंचायत प्रधान ने ही सत्यापित की। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रति परिवार 3700 रुपये की दर से दो लाख चालीस हजार पांच सौ रुपये दिए गए थे। जांच में 23 लोगों ने आरोप लगाया है कि पंचायत प्रधान की ओर से शौचालय निर्माण के लिए कोई भी राशि नहीं मिली और पंचायत प्रधान ने जाली रसीदें तैयार की।
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बेटे वेंडर बनाकर खाते में हस्तांतरित कर दी राशि
पंचायत में मनरेगा योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए अपने पुत्र को वेंडर बनाया और 19 बिलों, रसीदों की राशि पचास हजार पांच सौ चौंतीस रुपये बेटे के खाते में हस्तांतरित की। ऐसा करना हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 122(झ) और धारा 151 का उल्लंघन है। इसके तहत ग्राम पंचायत का कोई भी पदाधिकारी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष पंचायत की संविदा में विहित प्राधिकारी की अनुमति के बिना कोई हित अर्जित नहीं कर सकता है। ऐसे में पंचायत प्रधान ने 50534 रुपये की सामग्री की अदायगी कर नियमों का उल्लंघन किया है।
बीपीएल बोर्ड लेखन के नाम पर 48 हजार का गबन
पंचायत प्रधान की ओर से बीपीएल बोर्ड लेेखन के लिए जारी 48000 रूपये आहरित किए तथा इसकी अदायगी की जाली रसीदें तैयार की। इस मामले में भी पंचायत प्रधान ने 48000 रूपये की राशि का गबन किया है।
बाउंड्री वाल निर्माण में भी नियमों की अवहेलना
पंचायत प्रधान ने समाधि बाउंड्री वॉल मडरूई के काम पर बेटे से चालीस हजार रुपये की सामग्री क्रय की और अदायगी की। ऐसा करना हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 122(झ) व धारा 151 का उल्लंघन है।
रास्ते की निर्माण राशि की अदायगी के लिए बनाई फर्जी रसीदें
पंचायत प्रधान ने 14वें वित्तायोग के तहत निर्माण रास्ता कडेई से सेरु नाला कार्य के लिए 13,800 रुपये की राशि नगदी के रूप में मस्ट्रोल और रसीदों के रूप में अदायगी की गई। इसमें दस हजार रुपये की राशि पर मजदूरों और अन्य के हस्ताक्षर पाए गए। मगर अन्य राशि जाली रसीदें और बिल तैयार की गई। इसमें किसी के भी हस्ताक्षर नहीं हैं।
जिला पंचायत अधिकारी अश्वनी कुमार शर्मा ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सेरी पंचायत प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 15 दिन के भीतर पंचायत प्रधान को बीडीओ सलूणी के माध्यम से स्पष्टीकरण देना होगा। अन्यथा पंचायत प्रधान के खिलाफ पंचायतीराज नियम व अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।