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विभाग के नोटिस के बाद भी सरकारी भूमि से नहीं हटे सीवेज टैंक
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खज्जियार (चंबा)। पर्यटक स्थल खज्जियार में संचालित होटल मालिकों ने वन्य प्राणी विभाग के नोटिस को दरकिनार करते हुए सरकारी भूमि से अभी तक सीवेज टैंक नहीं हटाए हैं। इसकी वजह से सीवेज टैंक से फैल रही गंदगी की समस्या अभी भी बरकरार है। लेकिन विभाग होटल मालिकों पर कार्रवाई करने की बजाए नरम रुख अपनाया जा रहा है। हालांकि कुछ दिन पहले वन्य प्राणी विभाग ने होटल मालिकों को नोटिस जरूर थमाए थे।
इसमें साफ कहा गया था कि जल्द सरकारी भूमि से सीवेज टैंक को हटाएं। ऐसा नहीं करने वाले होटल मालिकों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। लेकिन नोटिस को दिए हुए करीब एक माह का समय होने को आया है। लेकिन किसी भी होटल मालिक ने अपना सीवेज टैंक सरकारी भूमि से नहीं हटाया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। खज्जियार में करीब आधा दर्जन होटल ऐसे हैं। जिनके सीवेज टैंक होटल से दूर वन्य प्राणी विभाग की भूमि पर बने हैं। कई सीवेज टैंकों से सीवेज की गंदगी बहकर साच नाले में मिल रही है।
इस नाले का पानी साच, नगोड़ी और उदयपुर के लोग पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। जोकि अनजाने में दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं खुले में सीवेज टैंक लीक होने से क्षेत्र का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों को मुंह में रुमाल रखकर वहां से आवाजाही करनी पड़ रही है। क्योंकि रास्ते में सीवरेज की गंदगी से बदबू फैली रहती है। ग्रामीण चैन लाल, ओम प्रकाश, सुरेश, मनोज कुमार, अजय, सुरेंद्र, भाग सिंह, चमन सिंह और योगराज ने जिला प्रशासन से मांग की कि सरकारी भूमि पर सीवेज टैंक बनाने वाले होटल मालिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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इसमें साफ कहा गया था कि जल्द सरकारी भूमि से सीवेज टैंक को हटाएं। ऐसा नहीं करने वाले होटल मालिकों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। लेकिन नोटिस को दिए हुए करीब एक माह का समय होने को आया है। लेकिन किसी भी होटल मालिक ने अपना सीवेज टैंक सरकारी भूमि से नहीं हटाया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। खज्जियार में करीब आधा दर्जन होटल ऐसे हैं। जिनके सीवेज टैंक होटल से दूर वन्य प्राणी विभाग की भूमि पर बने हैं। कई सीवेज टैंकों से सीवेज की गंदगी बहकर साच नाले में मिल रही है।
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इस नाले का पानी साच, नगोड़ी और उदयपुर के लोग पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। जोकि अनजाने में दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं खुले में सीवेज टैंक लीक होने से क्षेत्र का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों को मुंह में रुमाल रखकर वहां से आवाजाही करनी पड़ रही है। क्योंकि रास्ते में सीवरेज की गंदगी से बदबू फैली रहती है। ग्रामीण चैन लाल, ओम प्रकाश, सुरेश, मनोज कुमार, अजय, सुरेंद्र, भाग सिंह, चमन सिंह और योगराज ने जिला प्रशासन से मांग की कि सरकारी भूमि पर सीवेज टैंक बनाने वाले होटल मालिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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