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Chamba News: भोलेनाथ के जयकारे लगाते नंगे पांव भरमौर रवाना हुए शिव भक्त
Mon, 31 Aug 2026 10:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 31 Aug 2026 10:28 PM IST
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भद्रवाह से मणिमहेश जाने वाले जत्थे की परंपरा सदियों पुरानी
चौगान में पड़ाव डालने के बाद ही भरमौर के लिए करते हैं प्रस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जन्माष्टमी पर छोटे शाही स्नान करने के लिए भद्रवाह से श्रद्धालुओं के जत्थे भरमौर के लिए रवाना हो रहे हैं। सोमवार को चौगान में पड़ाव डालने के बाद 100 से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था भोलेनाथ के जयकारे भरते हुए भरमौर को रवाना हुआ।
भरमौर चौक तक जत्थे ने पैदल यात्रा की। वहां से आगे का सफर वाहनों में तय किया। इन जत्थों में अधिकतर श्रद्धालु नंगे पांव नजर आए। जब उनसे बात की गई तो बताया कि वे हर वर्ष नंगे पांव यात्रा करते हैं। इस दौरान उन्हें थोड़ा भी कष्ट या दर्द नहीं होता। भगवान शंकर उनके सभी कष्टों और दर्द को हर लेते हैं।
श्रद्धालुओं में सुरजीत सिंह, राम सिंह, प्रभात कुमार, अमर चंद, दिनेश कुमार, सुरेंद्र और भाग चंद ने बताया कि उनके पूर्वज इस यात्रा को करते आए हैं। यह परंपरा आज भी निभाई जा रही है। आने वाली पीढ़ी भी इस परंपरा को जारी रखेगी। भद्रवाह के लोगों पर भगवान शंकर की विशेष कृपा है। पिछले साल उनका जत्था जन्माष्टमी का स्नान नहीं कर पाया था लेकिन इस बार मौसम भी श्रद्धालुओं का साथ दे रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से सोमवार को चेतावनी जारी की गई थी लेकिन मौसम साफ रहा। हजारों श्रद्धालु डल झील के लिए रवाना हो रहे हैं।
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चौगान में पड़ाव डालने के बाद ही भरमौर के लिए करते हैं प्रस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जन्माष्टमी पर छोटे शाही स्नान करने के लिए भद्रवाह से श्रद्धालुओं के जत्थे भरमौर के लिए रवाना हो रहे हैं। सोमवार को चौगान में पड़ाव डालने के बाद 100 से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था भोलेनाथ के जयकारे भरते हुए भरमौर को रवाना हुआ।
भरमौर चौक तक जत्थे ने पैदल यात्रा की। वहां से आगे का सफर वाहनों में तय किया। इन जत्थों में अधिकतर श्रद्धालु नंगे पांव नजर आए। जब उनसे बात की गई तो बताया कि वे हर वर्ष नंगे पांव यात्रा करते हैं। इस दौरान उन्हें थोड़ा भी कष्ट या दर्द नहीं होता। भगवान शंकर उनके सभी कष्टों और दर्द को हर लेते हैं।
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श्रद्धालुओं में सुरजीत सिंह, राम सिंह, प्रभात कुमार, अमर चंद, दिनेश कुमार, सुरेंद्र और भाग चंद ने बताया कि उनके पूर्वज इस यात्रा को करते आए हैं। यह परंपरा आज भी निभाई जा रही है। आने वाली पीढ़ी भी इस परंपरा को जारी रखेगी। भद्रवाह के लोगों पर भगवान शंकर की विशेष कृपा है। पिछले साल उनका जत्था जन्माष्टमी का स्नान नहीं कर पाया था लेकिन इस बार मौसम भी श्रद्धालुओं का साथ दे रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से सोमवार को चेतावनी जारी की गई थी लेकिन मौसम साफ रहा। हजारों श्रद्धालु डल झील के लिए रवाना हो रहे हैं।
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