{"_id":"61b4aeea4335ac7bff3c134e","slug":"bear-camp-in-singi-forests-fear-among-villagers-chamba-news-sml393070443","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंगी के जंगलों में भालू का डेरा, ग्रामीणों में खौफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंगी के जंगलों में भालू का डेरा, ग्रामीणों में खौफ
विज्ञापन
Bear camp in Singi forests, fear among villagers
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खज्जियार (चंबा)। विकास खंड चंबा के तहत ग्राम पंचायत सिंगी में भालू के आतंक से ग्रामीण खौफजदा हो गए हैं। शनिवार सुबह के वक्त लोगों को बलोगा जंगल में भालू दिखा। उसके बाद से ग्रामीण घरों में दुबक कर रह गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी सिमली और रिंडा जंगल में भालू विचरण करते हुए पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि वे वन विभाग से कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक भालू को रिहायशी क्षेत्र से बाहर नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों तिलक राज, चमन लाल, प्रदीप कुमार, मनोज कुमार, धर्म चंद, प्रताप चंद, उमेश कुमार, राज कुमार, देस राज, बंटी कुमार आदि का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी भालू देखे गए हैं।
कहा कि क्षेत्र में रिहायशी इलाका बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि भालू दिखने के बाद शनिवार को लोग अपने घरों से बाहर झुंडों में निकले। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भालू को पकड़ने की कवायद शुरू की जाए, जिससे किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को घरों से बाहर भेजने में भी डर लग रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वे वन विभाग से कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक भालू को रिहायशी क्षेत्र से बाहर नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों तिलक राज, चमन लाल, प्रदीप कुमार, मनोज कुमार, धर्म चंद, प्रताप चंद, उमेश कुमार, राज कुमार, देस राज, बंटी कुमार आदि का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी भालू देखे गए हैं।
विज्ञापन
कहा कि क्षेत्र में रिहायशी इलाका बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि भालू दिखने के बाद शनिवार को लोग अपने घरों से बाहर झुंडों में निकले। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भालू को पकड़ने की कवायद शुरू की जाए, जिससे किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को घरों से बाहर भेजने में भी डर लग रहा है।
विज्ञापन