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Chamba News: आयुष अधिकारी 200 किमी दूर से संभाल रहे कार्यभार
Wed, 14 Jan 2026 10:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 14 Jan 2026 10:38 PM IST
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चंबा। आकांक्षी जिले चंबा में आयुर्वेदिक विभाग 200 किलोमीटर दूर कांगड़ा जिले के पपरोला में बैठे आयुष अधिकारी के सहारे चल रहा है। सरकार ने चंबा में नियमित आयुष अधिकारी तैनात करने के बजाय पपरोला के अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। इससे आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार इन दिनों आयुर्वेदिक विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगा रही हैं। ये शिविर धरातल पर सही मायने में लग भी रहे हैं या नहीं, इसकी जांच करने के लिए कोई भी जिला आयुष अधिकारी मौजूद नहीं है।
जिले में 50 के करीब ऐसे आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थान हैं। जहां पर चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ की कमी चल रही है। ऐसे में सरकार को जहां इस कमी को दूर करना चाहिए तो वहीं सरकार इस कमी को और बढ़ा रही है।
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स्थानीय निवासी महिंद्र सिंह, विनोद कुमार, प्यार चंद, योगराज, दिनेश, कमलेश, सूरज, नरेंद्र और जीतराम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को ज्यादा महत्व देते हैं। उन्हें दम तोड़ रही इस पद्धति की वजह से मजबूर होकर एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति का सहारा लेना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि जिले में आयुष अधिकारी सहित अन्य चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरा जाए।
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जानकारी के अनुसार इन दिनों आयुर्वेदिक विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगा रही हैं। ये शिविर धरातल पर सही मायने में लग भी रहे हैं या नहीं, इसकी जांच करने के लिए कोई भी जिला आयुष अधिकारी मौजूद नहीं है।
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जिले में 50 के करीब ऐसे आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थान हैं। जहां पर चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ की कमी चल रही है। ऐसे में सरकार को जहां इस कमी को दूर करना चाहिए तो वहीं सरकार इस कमी को और बढ़ा रही है।
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स्थानीय निवासी महिंद्र सिंह, विनोद कुमार, प्यार चंद, योगराज, दिनेश, कमलेश, सूरज, नरेंद्र और जीतराम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को ज्यादा महत्व देते हैं। उन्हें दम तोड़ रही इस पद्धति की वजह से मजबूर होकर एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति का सहारा लेना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि जिले में आयुष अधिकारी सहित अन्य चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरा जाए।