{"_id":"5796467d4f1c1b8b0221e32b","slug":"artist-go-back-stage","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिंजर मेले की दूसरी संध्या में हंगामा, स्टेज से लौटा दिए सूची में शामिल कलाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिंजर मेले की दूसरी संध्या में हंगामा, स्टेज से लौटा दिए सूची में शामिल कलाकार
ब्यूरो, अमर उजाला, (चंबा)
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिंजर मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या विवादों में घिर गई है। प्रशासन ने सूची में जिन गायकों का नाम शामिल किया था, उन्हें मिंजर मंच से बेदखल कर दिया गया। इन गायकों ने बाकायदा ऑडिशन देने के बाद मंच हासिल किया था।
विज्ञापन
गायकों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और खूब हंगामा भी किया। सोमवार को साजो-सामान के साथ मंच पर पहुंचे कलाकारों को यह कहकर लौटा दिया गया कि उनका नाम सूची में शामिल नहीं है। प्रशासन की ओर से रविवार को जारी हुई सरकारी सूची में इन कलाकारों को शामिल किया गया था और यह सूची बाकायदा समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी। मिंजर मंच से लौटाए गए कलाकारों में सतीश गौतम ने बताया कि उन्होंने अखंड चंडी पैलेस में हुए ऑडिशन में हिस्सा लिया था।
विज्ञापन
वहां उनका चयन किया गया और कलाकारों की सूची में उनका नाम शामिल था। वे अपने साथी कलाकारों व डांसर के साथ ठीक शाम छह बजे मिंजर मंच पर पहुंच गए थे लेकिन जब मंच से कलाकारों के नाम घोषित हुए तो उनका नाम नहीं लिया गया। इसके बाद उन्होंने जब कलाकारों की लिस्ट देखी तो उसमें उनका नाम नहीं था। उन्हें मिंजर मंच पर कार्यक्रम का अवसर नहीं मिल पाया है। उनके साथ आए कलाकारों को मायूस होकर लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि मिंजर में इस बार कलाकारों का शोषण हो रहा है। पहले प्रशासन ने यह नियम बनाया था कि कोई भी कलाकार बिना ऑडिशन के कार्यक्रम नहीं दे पाएगा। वे मिंजर में पिछले दस सालों से कार्यक्रम दे रहे हैं इसके बावजूद ऑडिशन देने गए थे लेकिन उनके साथ यह अन्याय हुआ है।
विज्ञापन
बिना ऑडिशन वाले भी कर गए प्रस्तुति
मिंजर मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में विवाद और गहरा गया है। प्रशासन ने तय किया था कि बिना ऑडिशन के कलाकारों को मंच नहीं मिलेगा। लेकिन इसके बावजूद सोमवार को दूसरी ही संध्या में कुछ गायक बिना ऑडिशन के भी मंच पर कार्यक्रम प्रस्तुत कर गए। इनके विरोध में चयन समिति के कुछ सदस्य सोमवार शाम को उपायुक्त सुदेश मोख्टा से मिले और अपने इस्तीफे सौंपने की पेशकश उनके सामने की। लेकिन उपायुक्त ने इन सदस्यों को समझाकर चुप करवा दिया।
ऑडिशन न देने वालों को मौका नहीं : डीसी
उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि मिंजर मंच पर उन्हीं कलाकारों को गाने का मौका मिलेगा जिन्होंने ऑडिशन पास किया होगा। प्रशासन की इसमें कोई भूमिका नहीं है। जिन कलाकारों को चयन समिति ने चयनित किया है वे मिंजर मंच पर कार्यक्रम दे पाएंगे। उन्होंने बताया कि कलाकारों की लिस्ट के संबंध में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।