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दिल्ली एयरपोर्ट पर पिता से लिपट कर भावुक हुईं अपराजिता
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चंबा। मौत के आगोश से लौटीं अपराजिता शर्मा इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली में अपने पिता हितेश शर्मा से लिपट कर भावुक हो उठीं। उसे विश्वास नहीं हो पा रहा था कि युद्ध के बीच अब वह सकुशल अपने भारत देश लौट आई हैं। पिता भी बेटी को देख फूले नहीं समाए। रोमानिया से दिल्ली एयरपोर्ट पर पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली समेत हिमाचल के 185 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को लेकर विशेष विमान सोमवार सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा।
अमर उजाला से बातचीत में अपराजिता के पिता हितेश शर्मा ने अपनी बेटी से मिली जानकारी को साझा किया। अपराजिता ने अपने पिता को बताया कि खारकीव में युद्ध से हालात बदतर हो चुके हैं। पल भर के लिए उन्हें लगा कि वे जीवित नहीं रहेंगे। इस बीच खारकीव में कुछ देरी के लिए युद्धविराम की उन्हें जानकारी मिली। इस दौरान वे अपने-अपने हॉस्टलों से निकले और बस के जरिये रोमानिया के लिए रवाना हुए। बताया कि खारकीव में उनके पास खाने-पीने के लिए कुछ नहीं बचा था। वे तीन दिन तक भूखे-प्यासे ही रहे।
रसिया पहुंचने पर एक रात वहीं रुकना पड़ा। उसके बाद रसिया से वे वाया बस रोमानिया पहुंचे। रोमानिया में एक दिन रुकने के बाद ही उनकी उड़ान हो पाई। रोमानिया से पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल के 185 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को लेकर विशेष विमान ने उड़ान भरी और सोमवार सुबह वे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। यहां परिजन उन्हें लेने के लिए पहुंचे हुए थे। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताया।
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अमर उजाला से बातचीत में अपराजिता के पिता हितेश शर्मा ने अपनी बेटी से मिली जानकारी को साझा किया। अपराजिता ने अपने पिता को बताया कि खारकीव में युद्ध से हालात बदतर हो चुके हैं। पल भर के लिए उन्हें लगा कि वे जीवित नहीं रहेंगे। इस बीच खारकीव में कुछ देरी के लिए युद्धविराम की उन्हें जानकारी मिली। इस दौरान वे अपने-अपने हॉस्टलों से निकले और बस के जरिये रोमानिया के लिए रवाना हुए। बताया कि खारकीव में उनके पास खाने-पीने के लिए कुछ नहीं बचा था। वे तीन दिन तक भूखे-प्यासे ही रहे।
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रसिया पहुंचने पर एक रात वहीं रुकना पड़ा। उसके बाद रसिया से वे वाया बस रोमानिया पहुंचे। रोमानिया में एक दिन रुकने के बाद ही उनकी उड़ान हो पाई। रोमानिया से पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल के 185 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को लेकर विशेष विमान ने उड़ान भरी और सोमवार सुबह वे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। यहां परिजन उन्हें लेने के लिए पहुंचे हुए थे। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताया।
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