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Chamba News: आंगनबाड़ी वर्करों ने बनाई रणनीति
Fri, 05 May 2023 10:05 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 05 May 2023 10:05 PM IST
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चंबा। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू की जिला कमेटी की बैठक यूनियन की जिला अध्यक्ष चंपा देवी की अध्यक्षता में हुई। इसमें आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। यूनियन ने कहा कि लंबे समय से विभाग की ओर से स्टेशनरी नहीं दी जा रही है। इसके चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जेब से पैसा खर्च करके रजिस्टर सहित अन्य सामग्री खरीदनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि जब से आंगनबाड़ी का काम ऑनलाइन हुआ है तब से कुछ रजिस्टर जो विभाग की ओर से मिलने चाहिए थे, जैसे आंगनबाड़ी स्तर पर पोषण, मानीटरिंग, किशोरियों संबंधी, गांव लेवल की कमेटी का रिकॉर्ड ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी बनाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें खुद ही रजिस्टर खरीदने पड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बहुत कम है इसको बढ़ाने की मांग विभाग से कई बार की गई लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया। जो केंद्र किराए के मकान में चल रहे हैं विभाग तुरंत उनका किराया बढ़ाए। दूसरी तरफ यूनियन ने कहा कि कई आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन सरकार किसी भी तरह का लाभ उनको नहीं दे रही है। सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सीटू से संबंधित यूनियन ने सुप्रीम कोर्ट में ग्रेच्युटी का केस जीता है जिसका फैसला आए हुए 25 अप्रैल को एक वर्ष हो गया। यूनियन की ओर से सरकार को इसके बारे में कई बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया लेकिन यह बड़े खेद का विषय है कि केंद्र की सरकार इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है। यूनियन ने कहा कि आने वाले समय में इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष भी उठाया जाएगा और इस पर आंदोलन भी किया जाएगा। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने यूनियन को मजबूत करने और संघर्ष करने का आह्वान भी किया। बैठक में यूनियन की उपाध्यक्ष कंचन सचिव आशा कोषाध्यक्ष अंजू देवी, सरोज देवी, गुड्डी देवी और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि जब से आंगनबाड़ी का काम ऑनलाइन हुआ है तब से कुछ रजिस्टर जो विभाग की ओर से मिलने चाहिए थे, जैसे आंगनबाड़ी स्तर पर पोषण, मानीटरिंग, किशोरियों संबंधी, गांव लेवल की कमेटी का रिकॉर्ड ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी बनाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें खुद ही रजिस्टर खरीदने पड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बहुत कम है इसको बढ़ाने की मांग विभाग से कई बार की गई लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया। जो केंद्र किराए के मकान में चल रहे हैं विभाग तुरंत उनका किराया बढ़ाए। दूसरी तरफ यूनियन ने कहा कि कई आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन सरकार किसी भी तरह का लाभ उनको नहीं दे रही है। सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सीटू से संबंधित यूनियन ने सुप्रीम कोर्ट में ग्रेच्युटी का केस जीता है जिसका फैसला आए हुए 25 अप्रैल को एक वर्ष हो गया। यूनियन की ओर से सरकार को इसके बारे में कई बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया लेकिन यह बड़े खेद का विषय है कि केंद्र की सरकार इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है। यूनियन ने कहा कि आने वाले समय में इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष भी उठाया जाएगा और इस पर आंदोलन भी किया जाएगा। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने यूनियन को मजबूत करने और संघर्ष करने का आह्वान भी किया। बैठक में यूनियन की उपाध्यक्ष कंचन सचिव आशा कोषाध्यक्ष अंजू देवी, सरोज देवी, गुड्डी देवी और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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