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Chamba News: आउटसोर्स कर्मियों के शोषण का आरोप
Sun, 16 Jul 2023 11:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 16 Jul 2023 11:06 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाया है। कहा कि आउटसोर्स प्रदाता कंपनी चार माह से कोरोना काल में रखे गए 100 से अधिक कर्मचारियों को चार माह का वेतन नहीं दे पाई है जो श्रम कानूनों के खिलाफ है। हैरानी इस बात की है कि श्रम विभाग भी कंपनी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। यही वजह से है कि कंपनी नियमों को ताक पर रखकर आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण कर रही है। यह शिकायत चंबा के लोगों ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से की है।
शिकायतकर्ताओं में सोनू, मनोज कुमार, चमन शर्मा, जीवन सलारिया, नेक सिंह, महिंद्र, मीना, जितेंद्र सूर्या, जगदीश हांडा, ज्ञान ठाकुर और ओमकार ने बताया कि कोविड स्टाफ को न तो चार माह का वेतन दिया गया है और न ही उनके खातों में ईपीएफ जमा करवाया गया है। कंपनी को साफ निर्देश दिए गए हैं कि सात तारीख को कर्मचारियों को हर हाल में वेतन देना होगा। मौजूदा समय में नॉन कोविड स्टाफ भी अपने वेतन के लिए तरस रहा है। उन्हें भी कंपनी की तरफ से दो माह का वेतन नहीं दिया गया है। इसके चलते इन कर्मचारियों को अपने परिवार का पालन पोषण करने में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि आउटसोर्स प्रदाता कंपनी को फरवरी में मात्र तीन महीने के लिए अस्थायी तौर पर आउटसोर्स मैन पावर कार्य आवंटित किया गया था लेकिन कार्यकाल पूरा होने के उपरांत भी नए सिरे से आउटसोर्स सेवाओं के लिए टेंडर नहीं करवाए जा रहे हैं। कहा कि कंपनी की तरफ से कार्यभार संभालते ही एक दर्जन कर्मचारियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया गया। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, सदर विधायक और प्राचार्य से मांग की है कि कंपनी की मनमानी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मेडिकल कॉलेज के मीडिया समन्वयक डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों को वेतन नहीं देने के मामले में कंपनी प्रबंधन से पूछताछ की जाएगी।
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शिकायतकर्ताओं में सोनू, मनोज कुमार, चमन शर्मा, जीवन सलारिया, नेक सिंह, महिंद्र, मीना, जितेंद्र सूर्या, जगदीश हांडा, ज्ञान ठाकुर और ओमकार ने बताया कि कोविड स्टाफ को न तो चार माह का वेतन दिया गया है और न ही उनके खातों में ईपीएफ जमा करवाया गया है। कंपनी को साफ निर्देश दिए गए हैं कि सात तारीख को कर्मचारियों को हर हाल में वेतन देना होगा। मौजूदा समय में नॉन कोविड स्टाफ भी अपने वेतन के लिए तरस रहा है। उन्हें भी कंपनी की तरफ से दो माह का वेतन नहीं दिया गया है। इसके चलते इन कर्मचारियों को अपने परिवार का पालन पोषण करने में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि आउटसोर्स प्रदाता कंपनी को फरवरी में मात्र तीन महीने के लिए अस्थायी तौर पर आउटसोर्स मैन पावर कार्य आवंटित किया गया था लेकिन कार्यकाल पूरा होने के उपरांत भी नए सिरे से आउटसोर्स सेवाओं के लिए टेंडर नहीं करवाए जा रहे हैं। कहा कि कंपनी की तरफ से कार्यभार संभालते ही एक दर्जन कर्मचारियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया गया। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, सदर विधायक और प्राचार्य से मांग की है कि कंपनी की मनमानी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मेडिकल कॉलेज के मीडिया समन्वयक डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों को वेतन नहीं देने के मामले में कंपनी प्रबंधन से पूछताछ की जाएगी।
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