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बारिश न होने से बढ़ी किसानों की दिक्कतें
Updated Sun, 12 Nov 2017 07:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
किहार(चंबा)। जिले में समयानुसार बारिश के न होने से शुष्क ठंड ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। ग्राम पंचायत भांदल, सनूंह, किहार, डांड, डियूर, पिछला डियूर के दर्जनों गांवों के किसानों ने एक माह तक बारिश होने का इंतजार करने के बाद अब अपने खेतों में गेहूं, सरसों और जौ की बिजाई कर दी है, लेकिन, गेहूं, सरसों और जौ की बिजाई करने के बाद भी बारिश न होना किसानों की दिक्कतों को बढ़ा रहा है।
गौरतलब है कि किहार परिक्षेत्र के अधीन आने वाली ग्राम पंचायतों में किसान खेतीबाड़ी के लिए इंद्र देवता पर ही निर्भर है। इस बार बारिश का समयानुसार न होना किसानों की परेशानियों को बढ़ाने का ही काम कर रहा है। बारिश न होने पर किसानों ने अपने खेतों में गेहूं, सरसों और जौ की बिजाई देरी से की है। किसानों को उम्मीद थी कि गेहूं, सरसों और जौ की बिजाई के बाद बारिश हो जाएगी, लेकिन बारिश न होने से अब किसानों को आगे की चिंता सतानी आरंभ हो गई है।
किसानों में सुरेश कुमार, अशोक कुमार, मान सिंह, रमेश, सुभाष कुमार, प्यारदीन, शाह मोहम्मद, बेग मोहम्मद, मोहम्मद रमजान, भगत राम, सोभिया राम, धर्म सिंह, अशोक कुमार, इकबाल मोहम्मद और मोहम्मद रफीक का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण खेतीबाड़ी कर ही अपना और अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं। खेतीबाड़ी के लिए किसान बारिश पर ही निर्भर है। बारिश न होना कई बार किसानों की दिक्कतों को बढ़ा कर ही रख देता है। इस मर्तबा भी बारिश के समयानुसार न होने से किसानो की परेशानियां बढ़ी ही हैैं।
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किहार(चंबा)। जिले में समयानुसार बारिश के न होने से शुष्क ठंड ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। ग्राम पंचायत भांदल, सनूंह, किहार, डांड, डियूर, पिछला डियूर के दर्जनों गांवों के किसानों ने एक माह तक बारिश होने का इंतजार करने के बाद अब अपने खेतों में गेहूं, सरसों और जौ की बिजाई कर दी है, लेकिन, गेहूं, सरसों और जौ की बिजाई करने के बाद भी बारिश न होना किसानों की दिक्कतों को बढ़ा रहा है।
गौरतलब है कि किहार परिक्षेत्र के अधीन आने वाली ग्राम पंचायतों में किसान खेतीबाड़ी के लिए इंद्र देवता पर ही निर्भर है। इस बार बारिश का समयानुसार न होना किसानों की परेशानियों को बढ़ाने का ही काम कर रहा है। बारिश न होने पर किसानों ने अपने खेतों में गेहूं, सरसों और जौ की बिजाई देरी से की है। किसानों को उम्मीद थी कि गेहूं, सरसों और जौ की बिजाई के बाद बारिश हो जाएगी, लेकिन बारिश न होने से अब किसानों को आगे की चिंता सतानी आरंभ हो गई है।
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किसानों में सुरेश कुमार, अशोक कुमार, मान सिंह, रमेश, सुभाष कुमार, प्यारदीन, शाह मोहम्मद, बेग मोहम्मद, मोहम्मद रमजान, भगत राम, सोभिया राम, धर्म सिंह, अशोक कुमार, इकबाल मोहम्मद और मोहम्मद रफीक का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण खेतीबाड़ी कर ही अपना और अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं। खेतीबाड़ी के लिए किसान बारिश पर ही निर्भर है। बारिश न होना कई बार किसानों की दिक्कतों को बढ़ा कर ही रख देता है। इस मर्तबा भी बारिश के समयानुसार न होने से किसानो की परेशानियां बढ़ी ही हैैं।
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