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Chamba News: 5143 शिवभक्तों ने डल झील में लगाई आस्था की डुबकी
Thu, 03 Sep 2026 05:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 03 Sep 2026 05:50 AM IST
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चंबा। पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान 27 से 31 अगस्त तक कुल 5143 शिवभक्तों ने पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाई। इनमें 4727 श्रद्धालु हड़सर से पैदल यात्रा कर विभिन्न पड़ाव पार करते हुए मणिमहेश पहुंचे, जबकि 416 श्रद्धालुओं ने चौपर के माध्यम से भरमौर हेलीपैड से गौरीकुंड तक उड़ान भरी।
पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं ने हड़सर से यात्रा शुरू की और धन्छौ, सुंदरासी और गौरीकुंड सहित विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए पवित्र डल झील पहुंचे। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई के बावजूद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। भोले के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में स्नान कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
वहीं, चौपर सेवा के माध्यम से गौरीकुंड पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कठिन पैदल चढ़ाई से राहत मिली। बुजुर्गों और पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए हवाई सेवा काफी उपयोगी रही। आंकड़ों से स्पष्ट है कि अधिकांश श्रद्धालुओं ने मणिमहेश पहुंचने के लिए पैदल मार्ग को ही प्राथमिकता दी।
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31 अगस्त से 1 सितंबर तक नहीं उड़ा चौपर
31 अगस्त और एक सितंबर को चोपर सेवा प्रभावित रही। 31 अगस्त को गौरीकुंड में धुंध और एक सितंबर को भरमौर में बादल छाए रहने के कारण उड़ानें नहीं हो पाईं।
दिनांक
पैदल श्रद्धालु चौपर से गए
27 अगस्त
434
64
28 अगस्त 387
104
29 अगस्त 756
133
30 अगस्त 1664
115
31 अगस्त 1486
0
कुल
4727
416
यात्रा शांतिपूर्वक चल रही है। जल्द ही चाैपर सेवाएं सुचारु होंगी। यात्रियों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। साथ ही स्वास्थ्य शिविर भी विभिन्न पड़ावों में लगाए जा रहे हैं। अजय कुमार सिंह, एसडीएम भरमौर
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पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं ने हड़सर से यात्रा शुरू की और धन्छौ, सुंदरासी और गौरीकुंड सहित विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए पवित्र डल झील पहुंचे। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई के बावजूद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। भोले के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में स्नान कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
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वहीं, चौपर सेवा के माध्यम से गौरीकुंड पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कठिन पैदल चढ़ाई से राहत मिली। बुजुर्गों और पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए हवाई सेवा काफी उपयोगी रही। आंकड़ों से स्पष्ट है कि अधिकांश श्रद्धालुओं ने मणिमहेश पहुंचने के लिए पैदल मार्ग को ही प्राथमिकता दी।
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31 अगस्त से 1 सितंबर तक नहीं उड़ा चौपर
31 अगस्त और एक सितंबर को चोपर सेवा प्रभावित रही। 31 अगस्त को गौरीकुंड में धुंध और एक सितंबर को भरमौर में बादल छाए रहने के कारण उड़ानें नहीं हो पाईं।
दिनांक
पैदल श्रद्धालु चौपर से गए
27 अगस्त
434
64
28 अगस्त 387
104
29 अगस्त 756
133
30 अगस्त 1664
115
31 अगस्त 1486
0
कुल
4727
416
यात्रा शांतिपूर्वक चल रही है। जल्द ही चाैपर सेवाएं सुचारु होंगी। यात्रियों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। साथ ही स्वास्थ्य शिविर भी विभिन्न पड़ावों में लगाए जा रहे हैं। अजय कुमार सिंह, एसडीएम भरमौर