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डॉक्टरों की कमी को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे ग्रामीण
Updated Fri, 05 Oct 2018 09:08 PM IST
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तीसा (चंबा)। सिविल अस्पताल तीसा के बाहर स्थानीय लोगों ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। यह हड़ताल अस्पताल में खाली पड़े डॉक्टरों व अन्य स्टाफ के पदों को भरने को लेकर की गई है। शुक्रवार को सुनील कुमार व जसा राम क्रमिक अनशन पर बैठे। उनके सहयोग में क्षेत्र के वरिष्ठ लोग भी साथ बैठे रहे। पांच दिन तक क्रमिक अनशन होगा। उसके बाद आमरण अनशन शुरू होगा। आमरण अनशन पर जो लोग बैठेेंगे वे तब तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगे, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती। लोगों ने अपनी मांगों संबंधी एक मांगपत्र एसडीएम तीसा को सौंप दिया है। जिसमें आमरण अनशन का भी हवाला दिया गया है। एसडीएम ने मांगपत्र को प्रदेश सरकार को भेज दिया है।
क्रमिक अनशन पर बैठे सुनील कुमार व जसा राम ने बताया कि सिविल अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के तीन पद खाली चल रहे हैं। एक पद बीएमओ का भी खाली पड़ा है। इसके अलावा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा नहीं है। जिसकी वजह से गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड करवाने चंबा जाना पड़ता है। स्टाफ की कमी के बारे में सरकार व प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया परंतु हरेक बार मात्र आश्वासन ही मिले। इसलिए लोगों ने अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। जब तक अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पद नहीं भर जाते, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
एसडीएम तीसा हेमचंद वर्मा ने बताया कि हड़ताल पर बैठे लोगों की मांग के बारे में प्रदेश सरकार को अवगत करवा दिया गया है। अस्पताल में मरीजों की सहूलियत के लिए डेपुटेशन पर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। जल्द ही सरकार की ओर से नए डॉक्टरों की तैनाती होने की उम्मीद है।
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क्रमिक अनशन पर बैठे सुनील कुमार व जसा राम ने बताया कि सिविल अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के तीन पद खाली चल रहे हैं। एक पद बीएमओ का भी खाली पड़ा है। इसके अलावा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा नहीं है। जिसकी वजह से गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड करवाने चंबा जाना पड़ता है। स्टाफ की कमी के बारे में सरकार व प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया परंतु हरेक बार मात्र आश्वासन ही मिले। इसलिए लोगों ने अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। जब तक अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पद नहीं भर जाते, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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एसडीएम तीसा हेमचंद वर्मा ने बताया कि हड़ताल पर बैठे लोगों की मांग के बारे में प्रदेश सरकार को अवगत करवा दिया गया है। अस्पताल में मरीजों की सहूलियत के लिए डेपुटेशन पर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। जल्द ही सरकार की ओर से नए डॉक्टरों की तैनाती होने की उम्मीद है।
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