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पानी के नल पर ताला, पीने के पानी के लिए भटक रहे तीमारदार
Updated Sun, 04 Mar 2018 11:17 PM IST
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water shimla
- फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। जिले की साढ़े पांच लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले चंबा अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के लिए पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर है। इस वजह से मरीजों के दवाई का सेवन करने के लिए भी अस्पताल परिसर के बाहर से पानी बोतलों भरकर लानी पड़ती है। हैरानी की बात तो यह है कि जिला अस्पताल की दूसरी मंजिल लगे कूलर और साथ लगे पानी के नल को जाने वाले रास्ते को ही बंद कर दिया गया है। ऐसे में जिला अस्पताल में दाखिल होने वाले मरीजों और तीमारदारों को अपने स्तर पर ही पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
चंबा अस्पताल में मरीजों के लिए 250 बैड की व्यवस्था है। इसके अलावा कई मर्तबा एक-एक बैड पर दो दो मरीजों भर्ती किया जाता है। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल में बीमारी के साथ-साथ दूसरी सबसे जटिल पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। आलम, यह है कि चंबा अस्पताल के एक भी मंजिल में मरीजों को पीने के लिए पानी की उचित व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में अस्पताल में तीमारदारों को मरीज को दवाई खिलाने के लिए पानी अस्पताल परिसर के बाहर से लाना पड़ता है। इतना ही नहीं, रात के समय मरीजों के तीमारदारों को खाने के बर्तन शौचालयों में लगे नलों से धोने पड़ रहे हैं।
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वहीं, कई बार अस्पताल परिसर के बाहर भी पानी की व्यवस्था न होने पर मरीज और तीमारदार शौचालयों में लगे नलों से ही पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन इस संबंध में कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रहा है। इस वजह से मरीजों के साथ तीमारदार परेशानियां झेलने को मजबूर हैं।
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तीमारदार सुरेंद्र शर्मा, विजय कुमार, विनोद कुमार, कीरपा राम, राकेेश कुमार, संजीव शर्मा, विनय, लाल हुसैन, दीनानाथ और पंकेश कुमार का कहना है कि जिला अस्पताल परिसर में मरीजों को पीने के पानी की सहूलियत नहीं मिल पा रही है। इस वजह से उन्हें अस्पताल परिसर के बाहर से ही पीने के लिए पानी लाना पड़ता है। इतना ही नहीं, दूरस्थ गांवों से आने वाले मरीजों के तीमारदार तो ना चाहते हुए भी शौचालयों में लगे नलों से ही पीने और बर्तन धोने के लिए पानी लाने के लिए मजबूर हैं।
जल्द होगा समस्या का समाधान : डॉ. विनोद शर्मा
एमएस डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि यह समस्या उनके ध्यान में है। जल्द ही समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगें।