फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   3,140 personnel will give election duty in five districts

जिले के पांच अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं

Sat, 05 Nov 2022 11:12 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2022 11:12 PM IST
विज्ञापन
3,140 personnel will give election duty in five districts
चंबा। स्वास्थ्य विभाग चंबा अपने पांच सिविल अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को नहीं दे पा रहा है। इसका मुख्य कारण रेडियोलॉजिस्टों की तैनाती नहीं हो पाना है। हालांकि, कुछ सिविल अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीनें तो उपलब्ध हैं लेकिन उसे चलाने के लिए कोई रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं है।
विज्ञापन

इसकी वजह से ये मशीनें अस्पतालों में धूल फांक रही हैं। प्रदेश में सरकारें बनने के बाद होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सरकारें स्वास्थ्य विभाग से अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट के पदों का आंकड़ा तो मांगती हैं लेकिन सत्र खत्म होने के बाद उन आंकड़ों को पूरा करने की जहमत नहीं उठाई जाती। यही कारण है कि चंबा जिले के पांच सिविल अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा आज तक उपलब्ध नहीं हो पाई है।
विज्ञापन

चंबा जिले की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य जिलों की तुलना में भिन्न हैं। ज्यादातर लोग पहाड़ों और दूरदराज के इलाकों में रहते हैं। उनकी सुविधा के लिए सरकार ने उपमंडल स्तर पर भले ही सिविल अस्पताल खोल रखे हों लेकिन इनमें सबसे जरूरी टेस्ट करने की सुविधा नहीं दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालात यह हैं कि मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 50 से 60 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज चंबा या निजी लैबों का रुख करना पड़ता है। यहां पर कई बार मरीजों का नंबर नहीं लग पाता। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है क्योंकि अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें वाहनों में इतना लंबा सफर तय करना पड़ता है। उसके बाद लैबों के बाहर भीड़ में धक्के खाने पड़ते हैं।
सरकारी अस्पताल में मरीजों के अल्ट्रासाउंड सहित अन्य सभी प्रकार के टेस्ट मुफ्त किए जाते हैं जबकि निजी लैबों में मरीजों से टेस्ट के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए कुछ निजी लैब संचालकों ने अल्ट्रासाउंड के रेट भी बढ़ा दिए हैं। इसको लेकर भी सरकार और स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं कर पाए हैं।
सिविल अस्पताल किहार, तीसा, भरमौर, किलाड़ और चुवाड़ी में मशीनें होने के बावजूद मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। लाखों की धनराशि खर्च कर स्थापित की गई मशीनों का मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कपिल शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से कई बार सरकार को रेडियोलॉजिस्टों की तैनाती करने को लेकर पत्राचार किया गया है। रेडियोलॉजिस्टों की तैनाती सरकार की ओर से की जाएगी। रेडियोलॉजिस्ट के अलावा अन्य कोई भी मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed