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एक माह तक सड़क खोलने कोई नहीं आया तो ग्रामीणों ने खुद संभाला जिम्मा
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तीसा (चंबा)। चुराह में तरेला-मंगली सड़क भूस्खलन से पिछले एक माह से बाधित है। मगर सड़क को बहाल करने के लिए लोनिवि ने कोई कदम नहीं उठाया है। इस वजह से क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब एक माह तक लोनिवि का इंतजार करने के बाद भी लोगों ने बुधवार को खुद मार्ग बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि श्रमदान करके जल्द सड़क को बहाल कर दिया जाएगा।
सड़क को बहाल करने में पंचायत मंगली और बोंदेड़ी के ग्रामीण जुटे हैं। भूस्खलन होने से यहां बड़ी-बड़ी चट्टानें और मलबा सड़क आ गया गया। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे और चट्टानों के नीचे दब गया। इसकी वजह से सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। सड़क बंद होने से पंचायत मंगली और बोंदेड़ी के लिए राशन का कोटा भी पंचायतों में नहीं पहुंच पाया है। डिपुओं में राशन का कोटा खत्म होने की कगार पर है।
इससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीण चेतराम, हंसराज, टेक चंद, रवि कुमार, सुरेंद्र, अजय कुमार, नरेंद्र और अशोक कुमार ने बताया कि मार्ग बंद होने के बाद लोनिवि ने इसे बहाल करने का कार्य नहीं किया है। इसको देखते हुए अब ग्रामीणों ने श्रमदान करके सड़क को बहाल करने का फैसला लिया है।
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सड़क बंद होने से किसान खेतों में मटर की बिजाई करने के लिए तीसा से बीज नहीं ला पा रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो सकता है। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि भूस्खलन से बंद हुए मार्ग को बहाल करने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। जिससे अन्य संपर्क मार्ग को बहाल करने का कार्य भी प्रगति पर है।
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सड़क को बहाल करने में पंचायत मंगली और बोंदेड़ी के ग्रामीण जुटे हैं। भूस्खलन होने से यहां बड़ी-बड़ी चट्टानें और मलबा सड़क आ गया गया। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे और चट्टानों के नीचे दब गया। इसकी वजह से सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। सड़क बंद होने से पंचायत मंगली और बोंदेड़ी के लिए राशन का कोटा भी पंचायतों में नहीं पहुंच पाया है। डिपुओं में राशन का कोटा खत्म होने की कगार पर है।
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इससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीण चेतराम, हंसराज, टेक चंद, रवि कुमार, सुरेंद्र, अजय कुमार, नरेंद्र और अशोक कुमार ने बताया कि मार्ग बंद होने के बाद लोनिवि ने इसे बहाल करने का कार्य नहीं किया है। इसको देखते हुए अब ग्रामीणों ने श्रमदान करके सड़क को बहाल करने का फैसला लिया है।
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सड़क बंद होने से किसान खेतों में मटर की बिजाई करने के लिए तीसा से बीज नहीं ला पा रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो सकता है। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि भूस्खलन से बंद हुए मार्ग को बहाल करने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। जिससे अन्य संपर्क मार्ग को बहाल करने का कार्य भी प्रगति पर है।