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पांगी घाटी में लोगों के नहीं बन रहे आयुष्मान और हिम केयर कार्ड
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चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी के लिए इंटरनेट की कनेक्टिविटी न होना बड़ी मुसीबत बन गई है। कनेक्टिविटी न होने से पांगी में लोगों के आयुष्मान और हिम केयर के कार्ड नहीं बन रहे हैं। इसकी वजह यह है कि दोनों कार्ड बिना इंटरनेट इस्तेमाल के नहीं बन सकते हैं। पांगी में इंटरनेट की कोई विशेष सुविधा नहीं है। जिसके जरिये लोग उपरोक्त योजना के तहत कार्ड बना सकें।
इस वजह से पांगीवासी के लोगों को आयुष्मान और हिम केयर के तहत मिलने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पांगीवासी सैकड़ों किमी दूरी तय करके चंबा और कुल्लू जाकर कार्ड बना रहे हैं, जो लोग इतने दूर जाने में असमर्थ हैं। वह इन योजनाओं से वंचित हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान और हिमकेयर को लेकर बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं। लेकिन पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र के लोगों को सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जनजातीय क्षेत्र पांगी में लोगों की आबादी 30000 के करीब है। यहां पर स्वास्थ्य की इतनी अच्छी सुविधाएं मौजूद नहीं है। जब सरकार ने आयुष्मान और हिमकेयर जैसी योजनाएं शुरू की तो पांगीवासियों को लगा कि उन्हें भी अब मुफ्त में स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन सुविधा का लाभ उठाने के लिए उनके कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
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क्योंकि पांगी घाटी में इंटरनेट की कोई सुविधा नहीं है। राजेश कुमार, चैन सिंह, योगराज, कमल कुमार, सुरेंद्र, ओम प्रकाश, देसराज, हंसराज और नारायण सिंह ने बताया कि आयुष्मान और हिमकेयर के साथ लोगों के आधार कार्ड और पेनकार्ड भी नहीं बन रहे हैं। इसको लेकर सरकार और जिला प्रशासन को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
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इस वजह से पांगीवासी के लोगों को आयुष्मान और हिम केयर के तहत मिलने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पांगीवासी सैकड़ों किमी दूरी तय करके चंबा और कुल्लू जाकर कार्ड बना रहे हैं, जो लोग इतने दूर जाने में असमर्थ हैं। वह इन योजनाओं से वंचित हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान और हिमकेयर को लेकर बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं। लेकिन पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र के लोगों को सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जनजातीय क्षेत्र पांगी में लोगों की आबादी 30000 के करीब है। यहां पर स्वास्थ्य की इतनी अच्छी सुविधाएं मौजूद नहीं है। जब सरकार ने आयुष्मान और हिमकेयर जैसी योजनाएं शुरू की तो पांगीवासियों को लगा कि उन्हें भी अब मुफ्त में स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन सुविधा का लाभ उठाने के लिए उनके कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
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क्योंकि पांगी घाटी में इंटरनेट की कोई सुविधा नहीं है। राजेश कुमार, चैन सिंह, योगराज, कमल कुमार, सुरेंद्र, ओम प्रकाश, देसराज, हंसराज और नारायण सिंह ने बताया कि आयुष्मान और हिमकेयर के साथ लोगों के आधार कार्ड और पेनकार्ड भी नहीं बन रहे हैं। इसको लेकर सरकार और जिला प्रशासन को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।