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सुहागा गांव के तीस परिवारों को झेलनी पड़ रही पेयजल किल्लत
Updated Sun, 24 Dec 2017 10:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। ग्राम पंचायत उलांसा के सुुहागा गांव में पिछले कई दिनों से पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल सप्लाई कई दिनों से बाधित है। इसकी वजह से ग्रामीणों को पीने का पानी दूसरे गांव से ढोकर लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीण कई बार पानी की समस्या से विभाग को अवगत करवा चुके हैं। मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी दीनो राम, मनोज कुमार, भिंद्र सिंह, जोगेंद्र, उत्तम चंद और टेक चंद ने बताया कि गांव में तीस परिवार रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के फीटर को इस बारे में शिकायत की जा चुकी है। जबकि विभाग का तर्क है कि बर्फबारी होने से पाइपें जाम हो गई हैं। बर्फ पिघलने पर ही पेयजल सप्लाई सुचारु हो पाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण खुद के लिए तो पानी दूसरे गांव से ले आते हैं। मगर मवेशियों को पानी पिलाने का इंतजाम करने में उन्हें काफी परेशानी आ रही है। इस वजह से मवेशियों को दूसरे गांव में ले जाकर पानी पिलाना पड़ता है। हालांकि आईपीएच विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल सप्लाई देने को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है। मगर धरातल पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और विभाग से मांग की है कि गांव में बंद पड़ी पेयजल सप्लाई को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। अधिशाषी अभियंता दिनेश कपूर ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। संबंधित जेई को गांव का निरीक्षण करने के लिए कहा जाएगा। साथ ही गांव में पानी की समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा।
चंबा। ग्राम पंचायत उलांसा के सुुहागा गांव में पिछले कई दिनों से पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल सप्लाई कई दिनों से बाधित है। इसकी वजह से ग्रामीणों को पीने का पानी दूसरे गांव से ढोकर लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीण कई बार पानी की समस्या से विभाग को अवगत करवा चुके हैं। मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी दीनो राम, मनोज कुमार, भिंद्र सिंह, जोगेंद्र, उत्तम चंद और टेक चंद ने बताया कि गांव में तीस परिवार रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के फीटर को इस बारे में शिकायत की जा चुकी है। जबकि विभाग का तर्क है कि बर्फबारी होने से पाइपें जाम हो गई हैं। बर्फ पिघलने पर ही पेयजल सप्लाई सुचारु हो पाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण खुद के लिए तो पानी दूसरे गांव से ले आते हैं। मगर मवेशियों को पानी पिलाने का इंतजाम करने में उन्हें काफी परेशानी आ रही है। इस वजह से मवेशियों को दूसरे गांव में ले जाकर पानी पिलाना पड़ता है। हालांकि आईपीएच विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल सप्लाई देने को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है। मगर धरातल पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और विभाग से मांग की है कि गांव में बंद पड़ी पेयजल सप्लाई को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। अधिशाषी अभियंता दिनेश कपूर ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। संबंधित जेई को गांव का निरीक्षण करने के लिए कहा जाएगा। साथ ही गांव में पानी की समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा।
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