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जनजातीय क्षेत्र में महिलाओं के साथ नहीं होता दुर्व्यवहार : चंदेल
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी की महिलाओं के साथ शहरी क्षेत्र की महिलाओं की अपेक्षा किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होता है। यह बात जनजातीय क्षेत्र पांगी में वीरवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कही। उन्होंने पांगी की 500 महिलाओं को जागरूक किया। चंदेल ने कहा कि शहरी क्षेत्र में महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार बारे उनके पास कई मामले पहुंचे। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दहेज प्रथा नहीं है। यदि बेटी की शादी में मां-बाप अपनी इच्छा से कुछ देते हैं और ससुराल वाले भी देते हैं, तो उसका रिकार्ड रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटी को मिलने वाले धन बारे कोई लिखित जानकारी हो तो उसे उसका हक दिलवाया जा सकता है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जानकारी होनी चाहिए। एक घर पति-पत्नी दोनों से चलता है। कई बार कहते है कि वंश चलाने के लिए बेटा ही चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बेटी नहीं होगी तो बेटा क्या करेगा। कहा कि बेटा और बेटी एक समान हैं। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी मां की है। यदि मां जागरूक है तो भ्रूण हत्या करने की कोई सोच भी नहीं सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला सशक्तीकरण के लिए जो भी नियम हैं उनकी जानकारी महिलाओं तक पहुंचानी चाहिए। इस मौके पर उपमंडल अधिकारी पांगी सुरेंद्र ठाकुर, कृषि एवं उद्यान विभाग के एसएमएस विद्या प्रसाद, स्वास्थ्य विभाग से प्रेम ने अपने-अपने विभागों के बारे में जानकारी महिला अयोग की अध्यक्ष को दी। 1997 के बाद यह पहली महिला अध्यक्ष है जिसने पहली बार पांगी में महिलाओं को जागरूक किया है।
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पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी की महिलाओं के साथ शहरी क्षेत्र की महिलाओं की अपेक्षा किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होता है। यह बात जनजातीय क्षेत्र पांगी में वीरवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कही। उन्होंने पांगी की 500 महिलाओं को जागरूक किया। चंदेल ने कहा कि शहरी क्षेत्र में महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार बारे उनके पास कई मामले पहुंचे। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दहेज प्रथा नहीं है। यदि बेटी की शादी में मां-बाप अपनी इच्छा से कुछ देते हैं और ससुराल वाले भी देते हैं, तो उसका रिकार्ड रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटी को मिलने वाले धन बारे कोई लिखित जानकारी हो तो उसे उसका हक दिलवाया जा सकता है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जानकारी होनी चाहिए। एक घर पति-पत्नी दोनों से चलता है। कई बार कहते है कि वंश चलाने के लिए बेटा ही चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बेटी नहीं होगी तो बेटा क्या करेगा। कहा कि बेटा और बेटी एक समान हैं। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी मां की है। यदि मां जागरूक है तो भ्रूण हत्या करने की कोई सोच भी नहीं सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला सशक्तीकरण के लिए जो भी नियम हैं उनकी जानकारी महिलाओं तक पहुंचानी चाहिए। इस मौके पर उपमंडल अधिकारी पांगी सुरेंद्र ठाकुर, कृषि एवं उद्यान विभाग के एसएमएस विद्या प्रसाद, स्वास्थ्य विभाग से प्रेम ने अपने-अपने विभागों के बारे में जानकारी महिला अयोग की अध्यक्ष को दी। 1997 के बाद यह पहली महिला अध्यक्ष है जिसने पहली बार पांगी में महिलाओं को जागरूक किया है।