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Bilaspur News: चार बजे बाद एक्सरे बंद, मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा

Sun, 06 Sep 2026 12:55 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:55 AM IST
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X-ray services stop after 4 PM; patients forced to rely on private centers.
क्षेत्रीय अस्पताल में एक्स-रे कराने के लिए खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद
क्षेत्रीय अस्पताल में सिंगल तकनीशियन के भरोसे सेवा, आपातकाल में मरीजों को नहीं मिल रही सुविधा
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अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार की ओपीडी, ऑर्थो सर्जरी-ईएनटी में 300 तक मरीज

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में शाम चार बजे के बाद एक्सरे सुविधा बंद होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में फिलहाल एक्सरे का काम एक ही तकनीशियन के सहारे चल रहा है। तकनीशियन की ड्यूटी खत्म होने के बाद एक्सरे सुविधा भी बंद हो जाती है। ऐसे में चार बजे के बाद चिकित्सक की ओर से एक्सरे करवाने की सलाह मिलने पर मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब एक हजार मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें ऑर्थोपेडिक, सर्जरी और ईएनटी विभाग में रोजाना करीब 300 मरीज आते हैं। इन विभागों में चोट, फ्रैक्चर, हड्डियों से संबंधित समस्या, सड़क दुर्घटना और अन्य मामलों में एक्सरे की जरूरत पड़ती है। दिन के समय अस्पताल में जांच की सुविधा मिल जाती है, लेकिन शाम चार बजे के बाद मरीजों को अस्पताल से बाहर जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन मरीजों को होती है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति या हाथ-पैर में चोट लगने वाले मरीज को चिकित्सकीय जांच के बाद तत्काल एक्सरे की जरूरत पड़ सकती है। यदि उस समय चार बजे के बाद हो तो अस्पताल में सुविधा उपलब्ध नहीं रहती। ऐसे में मरीज और तीमारदार को निजी सेंटर जाना पड़ता है।
गंभीर मरीजों को दोबारा ले जाना मुश्किल
कई मरीज चोट या फ्रैक्चर के कारण चलने-फिरने की स्थिति में नहीं होते। ऐसे मरीज को अस्पताल से निजी जांच केंद्र तक दोबारा वाहन में ले जाना तीमारदारों के लिए परेशानी भरा होता है। इसके अलावा निजी सेंटर में एक्सरे करवाने के लिए जांच शुल्क के साथ आने-जाने का खर्च भी वहन करना पड़ता है। गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। अस्पताल में एक्सरे सेवा सिंगल तकनीशियन के भरोसे होने के कारण उसकी ड्यूटी अवधि समाप्त होने के बाद सेवा जारी नहीं रखी जा रही है। ऑर्थोपेडिक और सर्जरी विभाग में चोट व हड्डियों से संबंधित मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक्सरे सुविधा की जरूरत भी ज्यादा रहती है। वहीं ईएनटी विभाग में भी कई मरीजों को चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार एक्सरे करवाना पड़ता है।
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कोट
एक तकनीशियन होने के कारण अभी चार बजे के बाद एक्सरे सेवा सुचारू रखना संभव नहीं था। जल्द ही दूसरे तकनीशियन की सेवाएं शुरू होने से मरीजों को दिन-रात एक्सरे की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। इससे शाम के समय आने वाले मरीजों को राहत मिलने के साथ निजी सेंटरों पर होने वाला अतिरिक्त खर्च और भागदौड़ भी कम होगी।
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-एके सिंह,एमएस, बिलासपुर
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