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Bilaspur News: अधिसूचना की प्रतियां जलाकर कामगारों ने जताया विरोध
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- श्रम कल्याण बोर्ड से बाहर किए जाने वाली अधिसूचना जारी करने पर खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। मनरेगा मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड से बाहर किए जाने पर इंटक यूनियन और अन्य मजदूर यूनियनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को इंटक ब्लॉक स्वारघाट ने भी मजदूरों और कामगारों के साथ बोर्ड से बाहर किए जाने वाली अधिसूचना की प्रतियां जलाकर विरोध जताया।
इस मौके पर इंटक ब्लॉक स्वारघाट के प्रधान बुद्धि राम बैंस ने बताया कि एक साल पहले प्रदेश सरकार ने मनरेगा मजदूरों के पंजीकरण को श्रम कल्याण बोर्ड से बाहर करने की अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना के बाद पिछले एक साल से मनरेगा में कार्य करने वाले महिला और पुरुषों का श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इससे पूर्व जिन मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण हुआ है, उनकी कॉपियां नवीकरण नहीं हो रही हैं। इसके चलते मनरेगा मजदूर बोर्ड की तरफ से मिलने वाले लाभों से वंचित रह रहे हैं। इस अधिसूचना से पूर्व मनरेगा में काम करने वाली जो भी महिलाएं और पुरुष 50 या 100 दिन पूर्व कर लेते थे तो वे श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करवा लेते थे और बोर्ड की स्कीमों का लाभ उन्हें मिलता था, लेकिन जब से यह अधिसूचना जारी हुई है तब से इन मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण नहीं हो रहा है। इसके चलते मनरेगा मजदूरों और मजदूर यूनियनों में सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। मनरेगा मजदूरों और इंटक यूनियन ने सरकार से मजदूर विरोधी इस अधिसूचना को रद्द करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही चेताया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो बड़े आंदोलन से मजदूरों का विरोध झेलने के लिए तैयार रहें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। मनरेगा मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड से बाहर किए जाने पर इंटक यूनियन और अन्य मजदूर यूनियनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को इंटक ब्लॉक स्वारघाट ने भी मजदूरों और कामगारों के साथ बोर्ड से बाहर किए जाने वाली अधिसूचना की प्रतियां जलाकर विरोध जताया।
इस मौके पर इंटक ब्लॉक स्वारघाट के प्रधान बुद्धि राम बैंस ने बताया कि एक साल पहले प्रदेश सरकार ने मनरेगा मजदूरों के पंजीकरण को श्रम कल्याण बोर्ड से बाहर करने की अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना के बाद पिछले एक साल से मनरेगा में कार्य करने वाले महिला और पुरुषों का श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इससे पूर्व जिन मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण हुआ है, उनकी कॉपियां नवीकरण नहीं हो रही हैं। इसके चलते मनरेगा मजदूर बोर्ड की तरफ से मिलने वाले लाभों से वंचित रह रहे हैं। इस अधिसूचना से पूर्व मनरेगा में काम करने वाली जो भी महिलाएं और पुरुष 50 या 100 दिन पूर्व कर लेते थे तो वे श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करवा लेते थे और बोर्ड की स्कीमों का लाभ उन्हें मिलता था, लेकिन जब से यह अधिसूचना जारी हुई है तब से इन मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण नहीं हो रहा है। इसके चलते मनरेगा मजदूरों और मजदूर यूनियनों में सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। मनरेगा मजदूरों और इंटक यूनियन ने सरकार से मजदूर विरोधी इस अधिसूचना को रद्द करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही चेताया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो बड़े आंदोलन से मजदूरों का विरोध झेलने के लिए तैयार रहें।
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