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आजादी के 75 साल बाद भी मूलभूत सुविधा से महरूम संधारा के लोग
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बिलासपुर की ग्राम पंचायत नध्यार की पालगंरी संधारा के बीमार बुजुर्ग को चारपाई पर उठाकर ले जाते लो?
- फोटो : BILASPUR
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शाहतलाई(बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र झंडूता के अधीन कोटधार की अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत नघ्यार के पालंगरी संधारा गांव के लोग आजादी के 75 साल बाद भी गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर दो के अधीन आने वाली पालंगरी संधारा के लोग सड़क सुविधा से वंचित हैं। हालत यह है कि अगर गांव में कोई बीमार हो जाता है तो गांव के लोग पालकी में उठाकर डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई चढ़ कर मुख्य सड़क तक पहुंचाते हैं।
गांववासियों के अनुसार गांव में एससी समुदाय के करीब 15 परिवार हैं। इतना ही नहीं इस गांव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला और उपस्वास्थ्य केंद्र भी है, लेकिन पाठशाला और स्वास्थ्य केंद्र को जाने के लिए कोई सड़क सुविधा नहीं है। इस कारण बुजुर्गों का तो बाजारों तक पहुंचना सपना बनकर रह गया है।
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जब भी कोई बीमार हो जाता है तो मरीजों को पालकी अथवा चारपाई या कंधे पर उठाकर डेढ़ किलोमीटर पहाड़ी और उबड़ खाबड़ रास्ते पर सफर कर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इतना ही नहीं उपस्वास्थ्य केंद्र में जाने के लिए भी मरीजों को दूसरों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर सरकार और राजनेता के समक्ष सड़क की मांग उठाई जाती रही, लेकिन आश्वासन ही मिलते रहे। चुनाव नजदीक आते हैं उस समय राजनेताओं की ओर से आश्वासन दिए जाते हैं कि अगर जीत हासिल हुई तो प्राथमिकता से उनके घरों तक संपर्क सड़क बनवाई जाएगी, लेकिन जीत मिलने के बाद उनके घरों की याद तक नहीं आती है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल से गुहार लगाई है कि विधानसभा के चुनावों से पहले उनके घरों को संपर्क सड़क से जोड़ा जाए और अगर सड़क सुविधा नहीं मिली तो विधानसभा चुनाव के दौरान किसी नेता को वोट मांगने के लिए घर तक नहीं आने दिया जाएगा। साथ में चुनाव का बहिष्कार भी किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों तक एक नाला जाता है। अगर सरकार चाहे तो नाले के साथ सड़क बनाई जा सकती है। उधर, पंचायत प्रधान बबीता देवी ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या सही है। वे अपने कार्यकाल में इस समस्या को हल करवाने का प्रयत्न करेगी। उधर, कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. वीरू राम किशोर ने कहा कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो वे इस समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करेंगे।
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ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर दो के अधीन आने वाली पालंगरी संधारा के लोग सड़क सुविधा से वंचित हैं। हालत यह है कि अगर गांव में कोई बीमार हो जाता है तो गांव के लोग पालकी में उठाकर डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई चढ़ कर मुख्य सड़क तक पहुंचाते हैं।
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गांववासियों के अनुसार गांव में एससी समुदाय के करीब 15 परिवार हैं। इतना ही नहीं इस गांव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला और उपस्वास्थ्य केंद्र भी है, लेकिन पाठशाला और स्वास्थ्य केंद्र को जाने के लिए कोई सड़क सुविधा नहीं है। इस कारण बुजुर्गों का तो बाजारों तक पहुंचना सपना बनकर रह गया है।
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जब भी कोई बीमार हो जाता है तो मरीजों को पालकी अथवा चारपाई या कंधे पर उठाकर डेढ़ किलोमीटर पहाड़ी और उबड़ खाबड़ रास्ते पर सफर कर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इतना ही नहीं उपस्वास्थ्य केंद्र में जाने के लिए भी मरीजों को दूसरों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर सरकार और राजनेता के समक्ष सड़क की मांग उठाई जाती रही, लेकिन आश्वासन ही मिलते रहे। चुनाव नजदीक आते हैं उस समय राजनेताओं की ओर से आश्वासन दिए जाते हैं कि अगर जीत हासिल हुई तो प्राथमिकता से उनके घरों तक संपर्क सड़क बनवाई जाएगी, लेकिन जीत मिलने के बाद उनके घरों की याद तक नहीं आती है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल से गुहार लगाई है कि विधानसभा के चुनावों से पहले उनके घरों को संपर्क सड़क से जोड़ा जाए और अगर सड़क सुविधा नहीं मिली तो विधानसभा चुनाव के दौरान किसी नेता को वोट मांगने के लिए घर तक नहीं आने दिया जाएगा। साथ में चुनाव का बहिष्कार भी किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों तक एक नाला जाता है। अगर सरकार चाहे तो नाले के साथ सड़क बनाई जा सकती है। उधर, पंचायत प्रधान बबीता देवी ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या सही है। वे अपने कार्यकाल में इस समस्या को हल करवाने का प्रयत्न करेगी। उधर, कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. वीरू राम किशोर ने कहा कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो वे इस समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करेंगे।