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Bilaspur News: कोलबांध झील में जल्द शुरू होंगे वाटर स्पोटर्स
Sat, 23 Nov 2024 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 23 Nov 2024 11:27 PM IST
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कोलडैम बिलासपुरफाइल फोटो
-हरनोड़ा से तत्तापानी तक 40 किलोमीटर झील में चलेंगे क्रूज और शिकारे
-बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक स्कूबा डाइविंग, पैरासेलिंग का उठा सकेंगे लुत्फ
-टेंडर लेने वाली कंपनी को सालाना जिला प्रशासन को देने होंगे 30 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कोलबांध झील में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वाटर स्पोटर्स गतिविधियां जल्द शुरू होंगी। इसके लिए जारी किया गया टेंडर अगले पांच दिनों में खुलने जा रहा है। यह झील हरनोड़ा से तत्तापानी तक 40 किलोमीटर लंबी है। यह प्रदेश के चार जिलों बिलासपुर, मंडी, सोलन, शिमला में फैली हुई है। झील की प्राकृतिक सुंदरता और इसके मनोरम दृश्य इसे पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनाते हैं।
कोलबांध झील में क्रूज, शिकारा, जैटी, स्कूबा डाइविंग, पैरासेलिंग, मोटर बोट जैसी रोमांचक और मनोरंजक गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इन गतिविधियों के जरिए न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना से सरकार को भी बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त होगा। इस टेंडर को हासिल करने वाली कंपनी को जिला प्रशासन को सालाना 30 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। शुरुआत में यह टेंडर पांच साल के लिए जारी किया जाएगा, जिसे बाद में दो साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। कोलबांध झील चार जिलों में फैली हुई है। इसके आसपास के पहाड़, हरियाली इसे हिमाचल प्रदेश का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बना सकते हैं। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि झील में वाटर स्पोर्ट्स शुरू होने से राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। झील का शांत वातावरण और इसकी प्राकृतिक खूबसूरती एडवेंचर, शांति चाहने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
इन गतिविधियों के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि शनिवार को थी। अब अगले पांच दिनों के भीतर इसे जारी किया जाएगा। इसके बाद झील में इन गतिविधियों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला प्रशासन ने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की योजना बनाई है।
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बताते चलें कि कोलबांध झील एक हाइड्रो प्रोजेक्ट के तहत बनी है, जो अपने आप में इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है। यह झील जलविद्युत उत्पादन के साथ स्थानीय लोगों की जल आवश्यकताओं को भी पूरा करती है। अब इसे पर्यटन के लिए विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।
इनसेट
स्थानीय लोगों के लिए लाभ
झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू होने से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय, होटल, रेस्त्रां और अन्य सेवाओं का विकास भी होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय के साधन मिलेंगे।
कोट
आगे की योजना
उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि यह परियोजना केवल झील के विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक विकास में सहायक होगी। बताया कि टेंडर सबमिट करने की अंतिम तिथि शनिवार को थी। वहीं जल्द ही अब इस टेंडर को खोलकर काम आवंटित कर दिया जाएगा।
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-बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक स्कूबा डाइविंग, पैरासेलिंग का उठा सकेंगे लुत्फ
-टेंडर लेने वाली कंपनी को सालाना जिला प्रशासन को देने होंगे 30 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कोलबांध झील में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वाटर स्पोटर्स गतिविधियां जल्द शुरू होंगी। इसके लिए जारी किया गया टेंडर अगले पांच दिनों में खुलने जा रहा है। यह झील हरनोड़ा से तत्तापानी तक 40 किलोमीटर लंबी है। यह प्रदेश के चार जिलों बिलासपुर, मंडी, सोलन, शिमला में फैली हुई है। झील की प्राकृतिक सुंदरता और इसके मनोरम दृश्य इसे पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनाते हैं।
कोलबांध झील में क्रूज, शिकारा, जैटी, स्कूबा डाइविंग, पैरासेलिंग, मोटर बोट जैसी रोमांचक और मनोरंजक गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इन गतिविधियों के जरिए न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना से सरकार को भी बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त होगा। इस टेंडर को हासिल करने वाली कंपनी को जिला प्रशासन को सालाना 30 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। शुरुआत में यह टेंडर पांच साल के लिए जारी किया जाएगा, जिसे बाद में दो साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। कोलबांध झील चार जिलों में फैली हुई है। इसके आसपास के पहाड़, हरियाली इसे हिमाचल प्रदेश का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बना सकते हैं। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि झील में वाटर स्पोर्ट्स शुरू होने से राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। झील का शांत वातावरण और इसकी प्राकृतिक खूबसूरती एडवेंचर, शांति चाहने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
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इन गतिविधियों के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि शनिवार को थी। अब अगले पांच दिनों के भीतर इसे जारी किया जाएगा। इसके बाद झील में इन गतिविधियों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला प्रशासन ने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की योजना बनाई है।
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बताते चलें कि कोलबांध झील एक हाइड्रो प्रोजेक्ट के तहत बनी है, जो अपने आप में इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है। यह झील जलविद्युत उत्पादन के साथ स्थानीय लोगों की जल आवश्यकताओं को भी पूरा करती है। अब इसे पर्यटन के लिए विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।
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स्थानीय लोगों के लिए लाभ
झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू होने से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय, होटल, रेस्त्रां और अन्य सेवाओं का विकास भी होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय के साधन मिलेंगे।
कोट
आगे की योजना
उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि यह परियोजना केवल झील के विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक विकास में सहायक होगी। बताया कि टेंडर सबमिट करने की अंतिम तिथि शनिवार को थी। वहीं जल्द ही अब इस टेंडर को खोलकर काम आवंटित कर दिया जाएगा।