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Bilaspur News: पेयजल योजना के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन 10वें दिन भी रहा जारी
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- महिलाओं ने दी भागीदारी, दिनभर करती रही निगरानी
- उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर और सोलन की सीमा पर त्रिवेणीघाट में अली खड्ड पर बनाई जा रही पेयजल योजना के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन 10 वें दिन भी जारी रहा।
स्थानीय पंचायतों की महिलाओं ने इस आंदोलन में भाग लेना शुरू कर दिया। शनिवार को महिलाओं ने निगरानी के लगाए तंबू में बैठी रहीं। संघर्ष समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता रजनीश शर्मा ने बताया कि इस मामले में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से ऊना में प्रतिनिधि मंडल मिला था। उपमुख्यमंत्री को सारे मामले से अवगत कराया गया था। उन्होंने दोनों जिलों के जल शक्ति विभाग के उच्च अधिकारियों को शामिल कर कमेटी गठित की थी, जो प्रभावित पंचायत के लोगों की आपत्तियों के मुताबिक पानी के स्तर और पानी की उपलब्धता पर रिपोर्ट सरकार को देगी। आश्वासन सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रहा। धरातल पर कोई भी आवश्यक कदम विभागीय अधिकारियों ने नहीं उठाए हैं। अचानक भारी बारिश होने की खड्ड का जलस्तर बढ़ गया है। अब यह रिपोर्ट तभी बनाई जा सकती है। जब पानी न्यूनतम स्तर पर हो। इसके लिए मई और जून का महीना उपयुक्त होता है। वहीं, संघर्ष कमेटी का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर से सुई सुरहाड में मिला। उन्होंने बताया कि रामलाल ठाकुर ने भरोसा दिलाया कि इस मामले को वह पहले भी सरकार के समक्ष रख चुके हैं और अब भी जनता की आवाज सरकार तक पहुंचा चुके हैं।
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- उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर और सोलन की सीमा पर त्रिवेणीघाट में अली खड्ड पर बनाई जा रही पेयजल योजना के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन 10 वें दिन भी जारी रहा।
स्थानीय पंचायतों की महिलाओं ने इस आंदोलन में भाग लेना शुरू कर दिया। शनिवार को महिलाओं ने निगरानी के लगाए तंबू में बैठी रहीं। संघर्ष समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता रजनीश शर्मा ने बताया कि इस मामले में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से ऊना में प्रतिनिधि मंडल मिला था। उपमुख्यमंत्री को सारे मामले से अवगत कराया गया था। उन्होंने दोनों जिलों के जल शक्ति विभाग के उच्च अधिकारियों को शामिल कर कमेटी गठित की थी, जो प्रभावित पंचायत के लोगों की आपत्तियों के मुताबिक पानी के स्तर और पानी की उपलब्धता पर रिपोर्ट सरकार को देगी। आश्वासन सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रहा। धरातल पर कोई भी आवश्यक कदम विभागीय अधिकारियों ने नहीं उठाए हैं। अचानक भारी बारिश होने की खड्ड का जलस्तर बढ़ गया है। अब यह रिपोर्ट तभी बनाई जा सकती है। जब पानी न्यूनतम स्तर पर हो। इसके लिए मई और जून का महीना उपयुक्त होता है। वहीं, संघर्ष कमेटी का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर से सुई सुरहाड में मिला। उन्होंने बताया कि रामलाल ठाकुर ने भरोसा दिलाया कि इस मामले को वह पहले भी सरकार के समक्ष रख चुके हैं और अब भी जनता की आवाज सरकार तक पहुंचा चुके हैं।