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Bilaspur News: मार्कंडेय अस्पताल में बनेंगे दो निजी कमरे, 300 रुपये होगा प्रतिदिन शुल्क

Fri, 16 Oct 2026 01:05 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:05 AM IST
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Two private rooms will be set up at Markandeya Hospital; the daily charge will be 300 rupees.
मार्कंडेय अस्पताल में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी व कर्मचारी। स्रोत: जाग
आरकेएस की बैठक में कई निर्णय, क्यूआर कोड लगने तक नहीं लगेगी पर्ची फीस
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मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए देने होंगे 300 रुपये

संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। नागरिक अस्पताल मार्कंडेय में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। एसडीएम सदर राज कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अस्पताल में दो निजी कमरे तैयार करने, चिकित्सा सेवाओं के शुल्क निर्धारित करने और उपकरणों की खरीद व मरम्मत के लिए बजट मंजूर किया गया।
अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए दो निजी कमरे बनाए जाएंगे। प्रत्येक कमरे में दो बेड, अटैच बाथरूम, टीवी, कूलर और हीटर की सुविधा होगी। एक कमरे का शुल्क 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में हैंडपंप लगाने और भवन की मरम्मत व रंग-रोगन के लिए भी बजट उपलब्ध करवाने की बात कही गई। जिला परिषद अध्यक्ष लेख राम ठाकुर ने अस्पताल के लिए 10 सीमेंटेड बेंच और पांच सोलर लाइट देने की घोषणा की। बीडीसी सदस्य रामपाल ठाकुर एक सोलर लाइट और चार स्टील डस्टबिन उपलब्ध करवाएंगे।
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बैठक में 10 रुपये पर्ची शुल्क लागू करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि पर्ची शुल्क के भुगतान के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाएगी। इसके उपलब्ध होने तक मरीजों से पर्ची शुल्क नहीं लिया जाएगा। खुले पैसे उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को होने वाली परेशानी को देखते हुए डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया गया।
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बैठक में दंत चिकित्सा सहित विभिन्न सेवाओं के संशोधित शुल्क निर्धारित किए गए। दांत निकालने का शुल्क 50 रुपये, जीआईसी फिलिंग का 100 रुपये, आरसीटी का 250 रुपये, स्केलिंग का 250 रुपये, डेन्चर का 3000 रुपये और डेंटल एक्स-रे का 50 रुपये तय किया गया। मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए 300 रुपये, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण के लिए 1,000 रुपये, फार्मासिस्ट इंटर्नशिप के लिए 2,000 रुपये और एंबुलेंस सेवा के लिए 20 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क निर्धारित किया गया।

आरकेएस ने मशीनरी खरीदने के लिए 6.13 लाख रुपये, कंप्यूटर, प्रिंटर व पंखों के लिए दो लाख रुपये और फर्नीचर के लिए 1.50 लाख रुपये मंजूर किए। वार्ड में गीजर व पिलर हीटर लगाने और दरवाजों की मरम्मत के लिए 1.50 लाख रुपये, दंत चिकित्सा व प्रयोगशाला सामग्री के लिए दो लाख रुपये तथा मशीनों की मरम्मत के लिए 70 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अलावा एंबुलेंस के ईंधन व मरम्मत के लिए 50 हजार रुपये, शल्य चिकित्सा सामग्री के लिए एक लाख रुपये, बेडशीट व कंबल के लिए 30 हजार रुपये, स्टेशनरी के लिए 98 हजार रुपये, मरम्मत कार्यों के लिए 3.40 लाख रुपये और आकस्मिक जरूरतों के लिए 1.08 लाख रुपये मंजूर किए गए। बैठक में अस्पताल की साफ-सफाई, वार्डों में बेडशीट नियमित रूप से बदलने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी चर्चा की गई। इस दौरान बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा, अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रदीप शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष लेख राम ठाकुर, बीडीसी सदस्य रामपाल ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अस्पताल का स्टाफ उपस्थित रहा।
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