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Bilaspur News: डेंगू का एक और स्क्रब टायफस दो नए मामले आए
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- अब तक डेंगू के 39 मामले और स्क्रब टायफस के 173 मामले आए सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में डेंगू और स्क्रब टायफस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वीरवार को डेंगू का एक और स्क्रब टायफस के दो नए मामलों की पुष्टि हुई है। जिले में डेंगू के अब तक 39 मामले और स्क्रब टायफस के 173 मामले सामने आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार डेंगू के लक्षण आने पर इनकी अनदेखी खतरनाक हो सकती है। इसलिए जैसे ही डेंगू के लक्षण आएं तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रब टायफस का इलाज उपलब्ध है। डेंगू को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बताया कि लोग खेतों में काम करते हुए अपने शरीर को पूरी तरह से ढक कर रखें। घर आने पर शरीर को अच्छी तरह साफ करें, ताकि स्क्रब टायफस जैसी बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सके। डेंगू मच्छर के काटने से होता है। इससे पीड़ित रोगी को तेज बुखार, सिर दर्द, बदन और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द आदि होता है। डेंगू का मच्छर टूटे बर्तनों, टायरों, कूलरों, एसी और खड़े पानी की टंकी में पनपते हैं। यह मच्छर दिन को काटता है। सप्ताह में एक या दो बार कूलर, एसी और टंकी के पानी को जरूर बदलें। कूलरों में लंबे समय तक पानी न बदलने के कारण डेंगू का मच्छर पनपने की अधिक संभावनाएं रहती है। साथ ही टूटे बर्तनों, पुराने टायरों, टूटे घड़े आदि को घर में न रखें, ताकि उनमें पानी न ठहरें। साथ ही समय-समय पर घरों में मच्छर मारने के लिए कीटनाशकों का भी छिड़काव करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में डेंगू और स्क्रब टायफस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वीरवार को डेंगू का एक और स्क्रब टायफस के दो नए मामलों की पुष्टि हुई है। जिले में डेंगू के अब तक 39 मामले और स्क्रब टायफस के 173 मामले सामने आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार डेंगू के लक्षण आने पर इनकी अनदेखी खतरनाक हो सकती है। इसलिए जैसे ही डेंगू के लक्षण आएं तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रब टायफस का इलाज उपलब्ध है। डेंगू को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बताया कि लोग खेतों में काम करते हुए अपने शरीर को पूरी तरह से ढक कर रखें। घर आने पर शरीर को अच्छी तरह साफ करें, ताकि स्क्रब टायफस जैसी बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सके। डेंगू मच्छर के काटने से होता है। इससे पीड़ित रोगी को तेज बुखार, सिर दर्द, बदन और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द आदि होता है। डेंगू का मच्छर टूटे बर्तनों, टायरों, कूलरों, एसी और खड़े पानी की टंकी में पनपते हैं। यह मच्छर दिन को काटता है। सप्ताह में एक या दो बार कूलर, एसी और टंकी के पानी को जरूर बदलें। कूलरों में लंबे समय तक पानी न बदलने के कारण डेंगू का मच्छर पनपने की अधिक संभावनाएं रहती है। साथ ही टूटे बर्तनों, पुराने टायरों, टूटे घड़े आदि को घर में न रखें, ताकि उनमें पानी न ठहरें। साथ ही समय-समय पर घरों में मच्छर मारने के लिए कीटनाशकों का भी छिड़काव करें।
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