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Bilaspur News: बदहाल सड़कों पर हिचकोले खाते फैक्ट्रियों-गोदामों तक पहुंच रहे ट्रक-ट्राले
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खस्ताहाल औद्योगिक क्षेत्र बिलासपुर की सड़क। संवाद
बिलासपुर औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों बड़े-बड़े गड्ढे, माल ढुलाई से लेकर बड़ी चुनौती
बारिश में गड्ढों में पानी भरने से बढ़ता है हादसे का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के उद्योगों की सड़कें बदहाल हैं। मालढुलाई में लगे ट्रक-ट्राले हिचकोले खाते हुए फैक्ट्रियों और गोदामों तक पहुंच रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं और कई हिस्सों में टारिंग पूरी तरह उखड़ चुकी है। बारिश के बाद हालत इतनी खराब हो जाती है कि गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा तक लगाना मुश्किल हो जाता है।
औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें आने-जाने का रास्ता भर नहीं है। इसी मार्ग से फैक्ट्रियों में कच्चा माल पहुंचता है और तैयार माल बाहर जाता है। गोदामों तक ट्रक, पिकअप और अन्य मालवाहक वाहन दिनभर चलते हैं। कर्मचारियों और कारोबारियों की आवाजाही भी इसी सड़क पर निर्भर है। ऐसे में सड़क की खराब हालत का असर वाहन चालकों के साथ औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार पर भी पड़ रहा है।
आईटीआई के पास सड़क पर गड्ढे, निहाल में टारिंग उखड़ी
आईटीआई की ओर से नीचे उतरते समय सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कई जगह वाहन चालकों को इनसे बचने के लिए सड़क का किनारा पकड़ना पड़ता है। निहाल की तरफ जाने वाले हिस्से में टारिंग उखड़ चुकी है और सड़क की ऊपरी परत के नीचे से पत्थर बाहर निकल आए हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत और खराब होती जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से निकलना सबसे मुश्किल है। बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। पानी से भरे गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता। अचानक ब्रेक लगाने या गड्ढे से बचने के लिए वाहन मोड़ने पर हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, मालवाहक वाहनों को खराब रास्ते पर धीमी गति से चलना पड़ता है। इससे आवाजाही प्रभावित होने के साथ वाहनों में टूट-फूट का खतरा भी बढ़ जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और परिवहन जैसी सुविधाएं उद्योगों के लिए बुनियादी जरूरत हैं। सड़क खराब होने का सीधा असर माल की आवाजाही पर पड़ता है। फैक्ट्री तक कच्चा माल पहुंचाने से लेकर तैयार माल बाजार तक भेजने की प्रक्रिया इसी सड़क पर निर्भर है। ऐसे में जिस क्षेत्र से रोजगार और कारोबार बढ़ाने की उम्मीद की जाती है, वहां की बुनियादी सड़क सुविधा का कमजोर होना सवाल खड़ा करता है। क्षेत्र के उद्यमी और स्थानीय लोग लंबे समय से सड़क सुधार की मांग उठा रहे हैं। उद्यमियों का औद्योगिक क्षेत्र में नई इकाइयां लाने और निवेश बढ़ाने के साथ के लिए बेहतर सड़क और परिवहन सुविधा जरूरी है। सड़क खराब रहने पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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कोट
औद्योगिक क्षेत्र की सड़क की मरम्मत के लिए एचपीएसआईडीसी ने करीब 10 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया है। बरसात के बाद मरम्मत कार्य शुरू करवाया जाएगा। लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण सड़क सुधारना जरूरी है।
-मनोज कुमार, महाप्रबंधक उद्योग
सड़क समस्या का स्थायी समाधान जरूरी
औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें लंबे समय से खराब हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं। इससे उद्योगों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार माल बाहर भेजने में परेशानी होती है। खराब सड़क के कारण वाहनों की टूट-फूट और परिवहन लागत भी बढ़ती है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कर रही है, लेकिन इसके लिए बुनियादी सुविधाएं भी मजबूत करनी होंगी। औद्योगिक क्षेत्र की सड़क का स्थायी समाधान जरूरी है।
-प्रेम सिंह डोगरा, अध्यक्ष, बिलासपुर लघु उद्योग संघ
रोजगार और कारोबार बढ़ाना है तो बुनियादी सुविधाएं देनी होंगी
औद्योगिक क्षेत्र में सड़क की हालत इतनी खराब है कि फैक्ट्रियों तक पहुंचने में ही दिक्कत होती है। बरसात में गड्ढों में पानी भरने से समस्या और बढ़ जाती है। उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ माल लेकर आने-जाने वाले वाहन चालकों को रोज परेशानी झेलनी पड़ती है। यदि औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार और कारोबार बढ़ाना है तो सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी होगी।
-इंद्र ठाकुर, महामंत्री, लघु उद्योग संघ
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बारिश में गड्ढों में पानी भरने से बढ़ता है हादसे का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के उद्योगों की सड़कें बदहाल हैं। मालढुलाई में लगे ट्रक-ट्राले हिचकोले खाते हुए फैक्ट्रियों और गोदामों तक पहुंच रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं और कई हिस्सों में टारिंग पूरी तरह उखड़ चुकी है। बारिश के बाद हालत इतनी खराब हो जाती है कि गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा तक लगाना मुश्किल हो जाता है।
औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें आने-जाने का रास्ता भर नहीं है। इसी मार्ग से फैक्ट्रियों में कच्चा माल पहुंचता है और तैयार माल बाहर जाता है। गोदामों तक ट्रक, पिकअप और अन्य मालवाहक वाहन दिनभर चलते हैं। कर्मचारियों और कारोबारियों की आवाजाही भी इसी सड़क पर निर्भर है। ऐसे में सड़क की खराब हालत का असर वाहन चालकों के साथ औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार पर भी पड़ रहा है।
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आईटीआई के पास सड़क पर गड्ढे, निहाल में टारिंग उखड़ी
आईटीआई की ओर से नीचे उतरते समय सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कई जगह वाहन चालकों को इनसे बचने के लिए सड़क का किनारा पकड़ना पड़ता है। निहाल की तरफ जाने वाले हिस्से में टारिंग उखड़ चुकी है और सड़क की ऊपरी परत के नीचे से पत्थर बाहर निकल आए हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत और खराब होती जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से निकलना सबसे मुश्किल है। बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। पानी से भरे गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता। अचानक ब्रेक लगाने या गड्ढे से बचने के लिए वाहन मोड़ने पर हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, मालवाहक वाहनों को खराब रास्ते पर धीमी गति से चलना पड़ता है। इससे आवाजाही प्रभावित होने के साथ वाहनों में टूट-फूट का खतरा भी बढ़ जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और परिवहन जैसी सुविधाएं उद्योगों के लिए बुनियादी जरूरत हैं। सड़क खराब होने का सीधा असर माल की आवाजाही पर पड़ता है। फैक्ट्री तक कच्चा माल पहुंचाने से लेकर तैयार माल बाजार तक भेजने की प्रक्रिया इसी सड़क पर निर्भर है। ऐसे में जिस क्षेत्र से रोजगार और कारोबार बढ़ाने की उम्मीद की जाती है, वहां की बुनियादी सड़क सुविधा का कमजोर होना सवाल खड़ा करता है। क्षेत्र के उद्यमी और स्थानीय लोग लंबे समय से सड़क सुधार की मांग उठा रहे हैं। उद्यमियों का औद्योगिक क्षेत्र में नई इकाइयां लाने और निवेश बढ़ाने के साथ के लिए बेहतर सड़क और परिवहन सुविधा जरूरी है। सड़क खराब रहने पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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औद्योगिक क्षेत्र की सड़क की मरम्मत के लिए एचपीएसआईडीसी ने करीब 10 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया है। बरसात के बाद मरम्मत कार्य शुरू करवाया जाएगा। लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण सड़क सुधारना जरूरी है।
-मनोज कुमार, महाप्रबंधक उद्योग
सड़क समस्या का स्थायी समाधान जरूरी
औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें लंबे समय से खराब हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं। इससे उद्योगों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार माल बाहर भेजने में परेशानी होती है। खराब सड़क के कारण वाहनों की टूट-फूट और परिवहन लागत भी बढ़ती है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कर रही है, लेकिन इसके लिए बुनियादी सुविधाएं भी मजबूत करनी होंगी। औद्योगिक क्षेत्र की सड़क का स्थायी समाधान जरूरी है।
-प्रेम सिंह डोगरा, अध्यक्ष, बिलासपुर लघु उद्योग संघ
रोजगार और कारोबार बढ़ाना है तो बुनियादी सुविधाएं देनी होंगी
औद्योगिक क्षेत्र में सड़क की हालत इतनी खराब है कि फैक्ट्रियों तक पहुंचने में ही दिक्कत होती है। बरसात में गड्ढों में पानी भरने से समस्या और बढ़ जाती है। उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ माल लेकर आने-जाने वाले वाहन चालकों को रोज परेशानी झेलनी पड़ती है। यदि औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार और कारोबार बढ़ाना है तो सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी होगी।
-इंद्र ठाकुर, महामंत्री, लघु उद्योग संघ