{"_id":"57220d4d4f1c1b6330a91562","slug":"truck-operater-not-get-her-fare","type":"story","status":"publish","title_hn":"माला भाड़ा नहीं मिलने से कर्ज में डूबने लगे ऑपरेटर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माला भाड़ा नहीं मिलने से कर्ज में डूबने लगे ऑपरेटर
ब्यूरो/ बिलासपुर
Updated Fri, 29 Apr 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में कार्यरत 18 हजार कर्मचारियों को इस बार बढ़ा वेतन मिलेगा।
जेपी सीमेंट प्लांट बागा प्रबंधन द्वारा आपरेटरों का पिछले चार महीनों से नियमित रूप से माल ढुलाई भाड़ा अदा न करने और पिछले दो महीनों की माल ढुलाई भाड़ा राशि रोकने से ट्रक आपरेटरों में रोष है। आपरेटर इस वजह से कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।
विज्ञापन
दि ट्रक आपरेटर्स संघर्ष एवं कल्याण समिति-मांगल की बैठक अध्यक्ष अजीत सिंह सेन की अध्यक्षता में हुई। इसमें आपरेटरों ने माल ढुलाई भाड़ा ने मिलने पर रोष जताया। बैठक में जेपी कंपनी के मनमाने रवैये पर आपरेटरों ने चिंता जताई।
विज्ञापन
अध्यक्ष ने बताया कि मार्च माह में गाड़ियों के संचालन निधि के अभाव में ढुलाई कार्य बंद हो गया था। इस बारे में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को अवगत करवाने के पश्चात समस्या के समाधान के लिए गठित संयुक्त समन्वय समिति की बैठक एसडीएम की अध्यक्षता में हुई।
विज्ञापन
इसमें कंपनी निदेशक ने 15 अप्रैल तक ट्रक आपरेटरों के बकाया राशि का भुगतान करने की बात मानी थी। लेकिन, इसका अभी तक भी भुगतान नहीं हो पाया है। इससे ट्रक आपरेटर कर्ज के भंवर में फंस चुके हैं।
अजीत सिंह ने बताया कि पिछले पांच महीनों से ढुलाई कार्य घट गया है। जो ढुलान कार्य हो रहा है। उसका भुगतान न होने से ट्रक आपरेटरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर जेपी कंपनी प्रदेश में सीमेंट कारोबार को बेचने के चलते ट्रक आपरेटरों में अपनी आजीविका की निरंतरता एवं बकाया राशि के भुगतान को लेकर संशय बना हुआ है।
उन्होंने प्रशासन और प्रदेश सरकार से इस समस्या का शीघ्र समाधान करके ट्रक आपरेटरों को न्याय देने की गुहार लगाई है। इस मौके पर चुनी लाल, रमेश कुमार, बबलू पंवर, राज सिंघानिया, तरसेम ठाकुर, नीम चंद, यशपाल, अरविंद, केशव तथा पंकज कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।